- पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख - एमपी सरकार और सीबीआई को दिये जॉच और चार्जशीट की डिटेल शपथ पत्र के साथ पेश करने के आदेश भोपाल(ईएमएस)। प्रदेश की साख पर देश भर में बट्टा लगाने वाले व्यापमं महाघोटाले की जांच एक बार फिर तेज होने वाली है। दरअसल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा दायर की गई याचिका पर सख्त रवैया अपनाते हुए सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने पूछा है, कि सकलेचा द्वारा दी गई 320 पन्नों की डिटेल शिकायत पर अब तक क्या एक्शन लिया गया। साथ ही आदेश दिया कि जांच एजेंसी और राज्य शासन अब तक की गई पूरी जांच और दाखिल चार्जशीट का ब्यौरा शपथ पत्र (एफिडेविट) के साथ पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को तय की गई है। सकलेचा की ओर से सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा, सर्वम रितम खरे, विपुल तिवारी, इंद्रदेव सिंह मौजूद थे। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल श्रीधर पोटराजू, सीबीआई की और से दविंदर पाल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। - हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद सू्प्रीम कोर्ट पहुचें थे सकलेचा जानकारी के अनुसार इंदौर हाईकोर्ट ने अप्रैल 2024 में सकलेचा की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वे इस मामले में सीधे तौर पर प्रभावित पक्ष नहीं हैं। सकलेचा ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सकलेचा के वकील विवेक तन्खा और उनकी टीम ने दलील दी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतकर्ता की भूमिका अहम होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए जवाब तलब किया है। - 11 साल पहले की थी सकलेचा ने शिकायत पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने व्यापम घोटाले को लेकर साल 2014 में एसटीएफ द्वारा दिये गये विज्ञापन के बाद पुख्ता दस्तावेजों के साथ पहली शिकायत की। गौरतलब है की घोटाले की जॉच पहले एसटीएफ को सौपीं गई थी, एसटीएफ ने विज्ञापन देकर शिकायतकर्ताओ से अपनी शिकायतें करने को कहा था। बाद में साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौपीं गई। इस पर सकलेचा ने दिल्ली में 320 पन्नों के दस्तावेज सौंपे। आगे साल 2016 में सीबीआई और एसटीएफ ने बयान दर्ज किए, लेकिन ठोस कार्रवाई के बजाय फाइलें अलग-अलग विभागो में दबी रही। उचित कार्यवाही न होने पर साल 2023 में पारस सकलेचा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जुनेद / 26 मार्च