-तकनीकी सहयोग और संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान को विस्तार देने पर दिया जोर नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिका-भारत डिफेंस पॉलिसी ग्रुप की बैठक को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह बैठक नेताओं की प्रतिबद्धताओं को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम है। गोर ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बैठक में अमेरिका के वॉर फॉर पॉलिसी के अंडर सेक्रेटरी एल्ब्रिज कोल्बी और भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी शामिल थे। उन्होंने बताया बैठक में संयुक्त रक्षा उत्पादन बढ़ाने तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान को विस्तार देने पर जोर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर एक स्वतंत्र, सुरक्षित और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। एल्ब्रिज कोल्बी ने अमेरिका भारत को अपना अहम साझेदार ही नहीं बल्कि अनिवार्य साझेदार बताया था। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अनुकूल शक्ति संतुलन बनाए रखने में भारत की केंद्रीय भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर सहयोग को तेज और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता, मजबूत लॉजिस्टिक्स, समुद्री क्षेत्र की निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मार्च की शुरुआत में ही अमेरिकी रक्षा नीति के अंडरसेक्रेटरी ऑफ डिफेंस एल्ब्रिज कोल्बी ने कांग्रेस के सदस्यों से कहा था कि आर्थिक और रणनीतिक महत्व के कारण इंडो-पैसिफिक अब अमेरिकी सैन्य योजना का सबसे अहम क्षेत्र बन गया है। कोल्बी ने कहा कि हम समझते हैं कि चीन एक बहुत शक्तिशाली देश है जो असाधारण स्तर पर सैन्य विस्तार कर रहा है। साथ ही, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम चीन के साथ संघर्ष नहीं चाहते। इसके विपरीत हम इससे बचना चाहते हैं। सिराज/ईएमएस 26मार्च26