- रतनगढ़ माता मंदिर पर एसडीआरएफ और पुलिस की सजगता से बची बालिका की जान परिजनों ने माना प्रशासन का आभार दतिया ( ईएमएस ) \ दतिया जिले के थाना अतरेटा क्षेत्र के अंतर्गत प्रसिद्ध माता रतनगढ़ मंदिर पर चल रहे नवरात्रि मेले में आज एक बड़ा हादसा टल गया। जिला प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्यवाही के चलते महोबा से आई एक मानसिक रूप से कमजोर बालिका को नदी में डूबने से सकुशल बचा लिया गया। उत्तर प्रदेश के महोबा निवासी ईश्वर सेन का परिवार माता रतनगढ़ के दर्शन हेतु आया हुआ था। मंदिर के समीप स्थित सिंध नदी घाट पर अचानक परिवार की बालिका, मधु सेन को मिर्गी का दौरा पड़ गया, जिससे वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में गिर गई और डूबने लगी। घाट पर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगाई और बालिका को सुरक्षित बाहर निकाला। महज 2 मिनट के भीतर मौके पर एम्बुलेंस पहुँच गई, जिससे बालिका को मंदिर परिसर में ही स्थापित अस्थाई अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों द्वारा तत्काल दिए गए उपचार के बाद बालिका अब पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। बालिका के परिजनों ने भावुक होते हुए दतिया कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े और पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और बचाव दल की सक्रियता के कारण ही आज उनकी बेटी जीवित है। परिजनों ने थाना प्रभारी अतरेटा श्री नरेंद्र सिंह राजपूत एवं थाना अतरेटा पुलिस, एसडीआरएफ टीम, एम्बुलेंस चालक और डॉक्टरों की कार्यशैली की भी जमकर प्रशंसा की। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि नदी घाटों पर विशेष सावधानी बरतें। बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर निरंतर निगरानी रखें। प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षा नियमों और बैरिकेडिंग का पूर्णतः पालन करें।