क्षेत्रीय
26-Mar-2026
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श्योपुर ( ईएमएस ) पुलिस ने वर्ष 2021 के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले की मुख्य आरोपी तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गुरुवार को ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया। बड़ौदा तहसील में हुए करीब ढाई करोड़ रुपए के इस गबन मामले में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही आरोपी महिला अधिकारी को विजयपुर तहसीलदार के पद से हटाया गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि तत्कालीन तहसीलदार ने दस्तावेजों में हेरफेर कर वास्तविक बाढ़ पीड़ितों के बजाय अपात्र और काल्पनिक नामों पर राशि जारी की थी। कागजों पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। बड़ौदा थाने में धारा 420, 467, 468, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया। इससे पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थीं। श्योपुर लाकर न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें शिवपुरी जेल भेज दिया गया है। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने यह कदम उठाया है। श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि इस घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है। पुलिस अब उन अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है, जो इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है। वर्ष 2021 में आई बाढ़ के बाद बड़ौदा तहसील में 794 हितग्राहियों के नुकसान का आकलन किया गया था। राहत वितरण के दौरान 127 फर्जी खातों में करीब 2.57 करोड़ रुपए ट्रांसफर होने का मामला सामने आया उसके बाद जांच शुरू की गई थी |