- सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में अगले स्टेशन की घोषणा शुरू करें मुंबई, (ईएमएस)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेलवे प्रशासन को वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह बाकी सभी ट्रेनों में अगले स्टेशन की घोषणा का सिस्टम लागू करने का अहम आदेश दिया। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल रोहिदास कुमावत नाम के यात्री एक बार जल्दबाजी में मनमाड-गुवाहाटी ट्रेन की जगह दूसरी एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ गए। हालांकि, ट्रेन चलने के बाद उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने उतरने की कोशिश की। इस उलझन में वह चलती ट्रेन से प्लेटफॉर्म पर गिर गए। उनके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। जब उन्होंने मुआवजे के लिए रेलवे अथॉरिटी को अर्जी दी, तो रेलवे एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने उसे खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने 31 जनवरी, 2018 को इस दावे को खारिज करते हुए अपने फैसले में साफ किया था कि इस मामले में यात्री अपनी ही गलती से घायल हुआ था। इसलिए इस मामले में मुआवजा नहीं दिया जा सकता। इसके खिलाफ यात्री ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायाधीश जितेंद्र जैन की सिंगल बेंच के सामने याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने याचिका मंज़ूर कर ली और याचिकाकर्ता के पक्ष में अपना फ़ैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने कहा, कोई भी यात्री जानबूझकर चलती ट्रेन से उतरकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालेगा। यह कहते हुए कि ऐसी अफ़रा-तफ़री वाली स्थिति में यात्री की सोच का भी ध्यान रखना चाहिए, हाई कोर्ट ने रेलवे प्रशासन को उक्त यात्री को 80,000 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है। न्यायाधीश जितेंद्र जैन ने अपने फ़ैसले में सलाह दी कि कोई भी यात्री चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश न करे। अगर आप गलती से ट्रेन पकड़ लेते हैं, तो आपको अगले स्टेशन पर उतरकर वापस जाना चाहिए। इसके लिए अपनी जान जोखिम में डालने की कोई ज़रूरत नहीं है। अगर आपके पास टिकट नहीं है, तो आप जुर्माना देकर दूसरी ट्रेन पकड़ सकते हैं। इस मामले में याचिकाकर्ता यात्री का चलती ट्रेन से उतरना गलत है। हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह जल्दबाज़ी में हुआ। साथ ही, रेलवे प्रशासन को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। हाई कोर्ट ने अपने फ़ैसले में यह भी सुझाव दिया कि अगर वंदे भारत की तरह एक्सप्रेस ट्रेनों में अगले स्टेशन का अनाउंसमेंट हो तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। स्वेता/संतोष झा-२६ मार्च/२०२६/ईएमएस