26-Mar-2026
...


- खरात प्रकरण और मंत्री झिरवाल के वीडियो ने सरकार की इज्जत तार-तार की- हर्षवर्धन सपकाल - रूपाली चाकणकर और झिरवाल प्रकरण के बाद भी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार चुप क्यों? दोनों को सभी पदों से हटाया जाए मुंबई, (ईएमएस)। नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात के अनैतिक दरबार में हाजिरी लगाने वाले महायुति सरकार के दर्जनों मंत्रियों के अश्लील और आपत्तिजनक कारनामों से महाराष्ट्र की छवि पहले ही धूमिल हो चुकी है। ऐसे में राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिक पतन का ज्वलंत उदाहरण है। सरकार को इस प्रकरण की गंभीरता से जांच करते हुए नरहरी झिरवाल को तुरंत मंत्री पद से बर्खास्त करना चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है। इस संदर्भ में बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और मंत्री द्वारा इस प्रकार का अश्लील और अनैतिक व्यवहार करना अत्यंत निंदनीय और आक्रोशजनक है। यह केवल व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन की नैतिकता पर भी कलंक है। जनता के विश्वास पर चुने गए मंत्री से कम से कम नैतिक आचरण की अपेक्षा की जाती है, लेकिन नरहरी झिरवाल का वीडियो इन अपेक्षाओं का पूर्णतः उल्लंघन दर्शाता है। इसी झिरवाल के मंत्रालय में दिनदहाड़े रिश्वत लेते हुए कर्मचारियों की गिरफ्तारी का मामला भी हाल ही में सामने आया था, जिसमें केवल क्लर्क पर कार्रवाई की गई। नरहरी झिरवाल को सादगी का दिखावा नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके भोले चेहरे के पीछे बहुत कुछ छिपा हुआ प्रतीत होता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बिना किसी देरी के नरहरी झिरवाल को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। भोंदूबाबा अशोक खरात प्रकरण में दर्जनों मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है, लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि महिलाओं का यौन शोषण करने वाले भोंदूबाबा से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के घनिष्ठ संबंध होने के आरोप लगे हैं। चाकणकर को भले ही इस्तीफा देना पड़ा हो, लेकिन उनके पास अभी भी राष्ट्रवादी कांग्रेस की महिला विंग का अध्यक्ष पद बना हुआ है। चाकणकर के बाद अब नरहरी झिरवाल का मामला सामने आया है, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस की अध्यक्ष और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सुनेत्रा पवार को इन दोनों को सभी पदों से हटाना चाहिए, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। संतोष झा-२६ मार्च/२०२६/ईएमएस