राज्य
27-Mar-2026
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पटना, (ईएमएस)। पटना हाईकोर्ट ने लम्बू शर्मा को बरी कर दिया। लम्बू शर्मा को 23 जनवरी, 2015 को आरा सिविल कोर्ट परिसर में हुए बम धमाके के मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी। इस धमाके में ड्यूटी पर तैनात एक कांस्टेबल की मौत हो गई थी और पुलिसकर्मियों तथा वकीलों सहित एक दर्जन से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने छह अन्य दोषियों- श्याम विनय शर्मा, रिंकू यादव, मो. नईम मियां, मो. चांद मियां, अंशुल कुमार और अखिलेश उपाध्याय उर्फ ​​मूसा को भी बरी कर दिया। इन सभी को इसी बम धमाके के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी। 17 अगस्त, 2019 को भोजपुर के तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की ट्रायल कोर्ट ने लम्बू और सात अन्य लोगों को इस बम धमाके के मामले में दोषी ठहराया था। 20 अगस्त, 2019 के अपने आदेश में, कोर्ट ने लम्बू को मौत की सज़ा सुनाई, जबकि बाकी सात लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा दी गई। दोषियों में से एक, प्रमोद सिंह की कोविड महामारी के दौरान जेल में ही मौत हो गई थी। अपने 174 पन्नों के फैसले में, दोनों न्यायाधीशों ने वकील प्रतीक मिश्रा के प्रयासों की सराहना की। प्रतीक मिश्रा ने हाई कोर्ट में एमिकस क्यूरी (कोर्ट के मित्र) के तौर पर सहायता की और दोषियों की तरफ से बचाव पक्ष की दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने इस मामले को एमिकस क्यूरी की भूमिका तय करने के संदर्भ में एक मिसाल के तौर पर भी चिह्नित किया। एमिकस क्यूरी दोषियों से सीधे बातचीत करके उनके मामले को बेहतर ढंग से समझ सकता है। संतोष झा-२७ मार्च/२०२६/ईएमएस