अंतर्राष्ट्रीय
28-Mar-2026


वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोर्चा खोलने के संकेत देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है। मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान और वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा की बारी है। हालांकि उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि अमेरिका इस द्वीप राष्ट्र के खिलाफ किस तरह की ठोस कार्रवाई करेगा, लेकिन उनके सख्त लहजे ने भविष्य में बड़े कूटनीतिक या सैन्य बदलावों की आहट दे दी है। ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने की अपनी मंशा को जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने जिस विशाल सेना का निर्माण किया है, उसका उपयोग करने की जरूरत कभी-कभी पड़ जाती है। उन्होंने सीधे तौर पर क्यूबा को अगला लक्ष्य बताते हुए कहा कि उनके पास द्वीप के साथ कुछ भी करने की क्षमता है। ट्रंप ने इसे फ्रेंडली टेकओवर (मैत्रीपूर्ण अधिग्रहण) की संभावना भी बताया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि स्थिति इसके विपरीत भी हो सकती है। व्हाइट हाउस में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि वे क्यूबा को आजाद करने या उस पर कब्जा करने का सम्मान प्राप्त करना चाहते हैं। वर्तमान में क्यूबा की स्थिति बेहद नाजुक है। हाल ही में वेनेजुएला में अमेरिका समर्थित घटनाक्रमों के कारण राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटना पड़ा, जिसका सीधा असर क्यूबा पर पड़ा है। वेनेजुएला लंबे समय से क्यूबा का मुख्य ईंधन आपूर्तिकर्ता रहा था। आपूर्ति ठप होने से क्यूबा में बिजली का भारी संकट और आवश्यक वस्तुओं की किल्लत पैदा हो गई है। आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रही हवाना सरकार के लिए ट्रंप के इन बयानों ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं। इन कड़े बयानों और दबाव की राजनीति के बीच राजनयिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। खबरों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों और क्यूबा के नेतृत्व के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। वाशिंगटन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल को पद से हटाना बताया जा रहा है। डियाज-कानेल ने भी बातचीत की पुष्टि की है, क्योंकि इस समय क्यूबा किसी भी तरह के सीधे सैन्य टकराव से बचने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के इस रुख ने लैटिन अमेरिका में एक बार फिर भू-राजनीतिक समीकरणों को गरमा दिया है। वीरेंद्र/ईएमएस/28मार्च2026