तेहरान,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच 37वें दिन एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। पहली बार युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद जापान और फ्रांस के जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर बाहर निकले हैं। इसे क्षेत्रीय समुद्री गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है, पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव का केंद्र बना हुआ है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर इस मार्ग को खोलने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई कर सकता है। ईरान ने जहां इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है, वहीं ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। तेहरान का कहना है कि क्षेत्र में बाहरी हस्तक्षेप ही तनाव को बढ़ा रहा है और इसका समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जापान और फ्रांस के जहाजों का सुरक्षित निकलना एक सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन इससे पूरे संकट के खत्म होने की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। होर्मुज से गुजरने वाले अन्य जहाजों की सुरक्षा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में हालात अब भी बेहद नाजुक बने हुए हैं। जहां एक ओर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य तैयारियां भी तेज हो गई हैं। आने वाले 48 घंटे इस पूरे संकट की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं। हिदायत/ईएमएस 05अप्रैल26