नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बताया ‘नए भारत’ की ताकत -मोबाईल फोन की फ्लैश लाइट जलवाकर जनभागीदारी से कराया अनोखा शुभारंभ नोएडा,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अनोखे अंदाज में उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनता को कार्यक्रम का हिस्सा बनाते हुए मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर एयरपोर्ट का शुभारंभ कराने की अपील की और कहा कि इस परियोजना के असली हकदार देश के नागरिक हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 11:30 बजे जेवर पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले एयरपोर्ट की अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग का निरीक्षण किया। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे रिमोट बटन दबाकर एयरपोर्ट के पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम से पहले एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए एयरपोर्ट की विशेषताओं को प्रस्तुत किया गया। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, कि उद्घाटन अभी पूरा नहीं हुआ है, मैंने सिर्फ पर्दा हटाया है। असली उद्घाटन आप करेंगे। इसके बाद उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाने का आह्वान किया। हजारों लोगों ने एक साथ फ्लैश लाइट जलाकर ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच इस ऐतिहासिक पल को साकार किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद की प्रसिद्ध कांच कला से बनी भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। गौतम बुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा प्रमुख हवाई अड्डा है। करीब 7,200 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट सेंट्रल पार्क (न्यूयॉर्क) से लगभग आठ गुना बड़ा है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित इस एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल बनाया गया है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक करने की योजना है। प्रधानमंत्री ने इसे देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास, रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा करेगी। यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात को संभालने में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। हिदायत/ईएमएस 28मार्च26