- बड़े विमान संचालन के लिए 2200 मीटर की मांग - एलायंस एयर उड़ानों के बंटवारे पर विरोध, बिलासपुर की सुविधाएँ घटाने का आरोप बिलासपुर (ईएमएस)। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासपुर को उसके महत्व के अनुरूप हवाई सुविधा नहीं मिलने पर राज्य और केंद्र सरकार पर नाराजगी जताई है। समिति का कहना है कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ का प्रमुख शहर होने के बावजूद उपेक्षा का शिकार हो रहा है। यहाँ हाई कोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन का मुख्यालय, दक्षिण पूर्व कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का मुख्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय और एनटीपीसी सहित कई ऊर्जा संयंत्र मौजूद हैं, फिर भी हवाई सुविधाओं के मामले में इसे अंबिकापुर और जगदलपुर के समान रखा जा रहा है। समिति ने कहा कि बिलासपुर से संचालित एलायंस एयर की उड़ानों का बंटवारा कर अंबिकापुर और जगदलपुर में सेवाएँ शुरू करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य शहरों में हवाई सुविधा विस्तार का विरोध नहीं है, लेकिन यह बिलासपुर की सेवाएँ घटाकर नहीं किया जाना चाहिए। इससे शहर के विकास और यात्रियों की सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 2200 मीटर लंबा रनवे आवश्यक समिति ने बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे विस्तार को ही समस्या का स्थायी समाधान बताया है। वर्तमान में रनवे की लंबाई लगभग 1500 मीटर है, जो बड़े विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं है। बोइंग और एयरबस जैसे विमानों के संचालन के लिए कम से कम 2200 मीटर लंबा रनवे आवश्यक है। समिति ने सरकार से मांग की है कि रनवे विस्तार का कार्य तत्काल शुरू किया जाए। समिति का महाधरना लगातार जारी अपनी मांगों को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना लगातार जारी है। धरने में अनिल गुलहरे, बद्री यादव, ऋषि राज गौतम, मनोज श्रीवास, पारसराम केवट, बद्री प्रसाद केवट, देवेंद्र सिंह ठाकुर, मजहर खान, साबिर अली, संतोष पीपलवा, संदीप बाजपेई, रमाशंकर बघेल, प्रकाश बहरानी, प्रतीक तिवारी और मोहसिन अली सहित कई सदस्य मौजूद रहे। मनोज राज 29 मार्च 2026