क्षेत्रीय
29-Mar-2026
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पटना, (ईएमएस)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की ओर से कक्षा 10वीं यानी मैट्रिक का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इस प्रकार बोर्ड ने समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम जारी किया है। ये 8वीं बार है, जब बिहार बोर्ड ने देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी किया है। इस साल करीब 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा में हिस्सा लिया था। इस वर्ष बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में कुल 81.79 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए हैं। साथ ही बोर्ड की ओर से टॉपर्स की पूरी सूची भी सार्वजनिक कर दी गई है। इस बार कुल 139 टॉपर्स की सूची में राज्य के विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राओं ने अपनी जगह बनाई है। इस साल टॉपर्स की सूची में सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय, छौड़ाही, वैशाली की सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। दोनों छात्रों ने 492 अंक यानी 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में टॉप किया है। बोर्ड ने आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम उपलब्ध करा दिया है, जहां विद्यार्थी अपने रोल नंबर की मदद से अपना रिजल्ट देख सकते हैं। हालांकि, कई बार वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक या तकनीकी कारणों से रिजल्ट देखने में परेशानी आती है। ऐसी स्थिति में छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि डिजिलॉकर एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प के रूप में उपलब्ध है। बिहार बोर्ड की 10वीं की डिजिटल मार्कशीट भी यहां आसानी से डाउनलोड की जा सकती है। खास बात यह है कि डिजिलॉकर से प्राप्त मार्कशीट पूरी तरह वैध होती है और इसे स्कूल, कॉलेज, सरकारी नौकरी या किसी भी अन्य आधिकारिक काम में इस्तेमाल किया जा सकता है। - टॉपर्स को मिलने वाले इनाम बिहार बोर्ड हर साल 10वीं कक्षा के टॉपर्स को आकर्षक पुरस्कार प्रदान करता है। इस बार भी टॉपर्स को नकद पुरस्कार, लैपटॉप, मेडल और सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। रैंक इनाम पहली रैंक 2 लाख रुपये + लैपटॉप दूसरी रैंक 1.5 लाख रुपये + लैपटॉप तीसरी रैंक 1 लाख रुपये + लैपटॉप चौथी से 10वीं रैंक 20 हजार रुपये वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा टॉप-10 छात्रों के लिए विशेष स्कॉलरशिप योजना भी चलाई जाती है, जिसे देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति कहा जाता है। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को हर महीने 2,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। यह स्कॉलरशिप 11वीं और 12वीं कक्षा तक जारी रहती है। यदि कोई छात्र आगे तकनीकी या डिप्लोमा कोर्स करता है, तो उसे पूरे कोर्स की अवधि तक यह आर्थिक सहायता मिलती है। इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनकी पढ़ाई को बिना रुकावट जारी रखना है। - इस वर्ष कई जिलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया बिहार बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार इस वर्ष कई जिलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें भागलपुर, नवादा, रोहतास, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, गया, जमुई, वैशाली, बेगूसराय, बक्सर, पूर्णिया, कैमूर, सहरसा, औरंगाबाद, बांका, मधेपुरा, शिवहर, शेखपुरा, सुपौल और दरभंगा जिलों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। संतोष झा-२९ मार्च/२०२६/ईएमएस