बिलासपुर (ईएमएस)। राजकिशोर नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज के शिव-अनुराग भवन में चल रही नौ दिवसीय प्रवचन श्रृंखला के नौवें दिन ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने ‘रामायण के आध्यात्मिक महत्व’ पर जीवन प्रबंधन के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए। उन्होंने लंका विजय के बाद अयोध्या वापसी के प्रसंग को स्वास्थ्य और आदर्श ‘राम राज्य’ से जोड़ते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। उन्होंने बताया कि गलत खान-पान, नशा, आलस्य और अनियमित दिनचर्या स्वास्थ्य के प्रमुख शत्रु हैं, जबकि अनुशासन, मर्यादित भोजन और प्रसन्नता से जीवन संतुलित रहता है। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है और आंतरिक खुशी सर्वोत्तम औषधि, उन्होंने कहा। मंजू दीदी ने ‘राम राज्य’ के चार आधार—सत्य, प्रेम, न्याय और त्याग—को समाज की मजबूती का स्तंभ बताया। वहीं, सीता के जीवन को आत्मसम्मान और आंतरिक शक्ति का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के अंत में ओम ध्वनि और ध्यान के साथ विश्व कल्याण का संकल्प लिया गया। मनोज राज 29 मार्च 2026