गिरिडीह(ईएमएस)।गिरिडीह के देवरी प्रखंड में स्थित प्राचीन देवपहाड़ी मठ में वैदिक गुरुकुल परंपरा फिर से शुरू हो गई है। यहां पिछले साल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य बाबा जागनाथ वैदिक गुरुकुलम की शुरुआत की गई थी। फिलहाल 93 बच्चे यहां रहकर चारों वेदों की पढ़ाई मुफ्त में कर रहे हैं। वहीं 50 नए बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया भी चल रही है।मठ के महंत और आचार्यों ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले इस गुरुकुल की शुरुआत की गई थी। इसका मकसद बच्चों को वेदों की शिक्षा, अच्छे संस्कार देना और सनातन धर्म के प्रति जागरूक करना है। आज कई बच्चे इस गुरुकुल से जुड़कर यहां पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां वेदों की पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जाती है, ताकि बच्चों का संतुलन बना रहे। साथ ही उन्होंने सरकार और समाज के लोगों से अपील की कि वे यहां आकर शिक्षा व्यवस्था को देखें और गुरुकुल के विकास में सहयोग करें।गुरुकुल में दाखिले के लिए बिहार और झारखंड से आए अभिभावकों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि यहां बच्चों को वेदों की शिक्षा दी जाती है। इसी वजह से वे अपने बच्चों का नामांकन कराने आए हैं। अभिभावकों का कहना है कि यहां की पढ़ाई वैसी ही है जैसा उन्होंने सुना था। यहां के महंत और आचार्य का व्यवहार बहुत अच्छा है और वे बच्चों को मन लगाकर पढ़ाते हैं।झारखंड और बिहार के अलग-अलग जिलों से आए ये छात्र मठ परिसर में रहकर गुरु-शिष्य परंपरा के अनुसार वेद, संस्कार और अनुशासन की शिक्षा ले रहे हैं। इससे इलाके में पारंपरिक शिक्षा को एक नई पहचान मिल रही है। कर्मवीर शर्मा/29मार्च/26