30-Mar-2026
...


वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने सम्मान के संकेत के तौर पर अमेरिका को 20 विशाल तेल टैंकर भेजने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति के अनुसार, ये टैंकर सोमवार सुबह से होर्मुज के रास्ते गुजरना शुरू होंगे। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि ईरान अब बातचीत के लिए गंभीर नजर आ रहा है। ट्रंप ने पहले 10 टैंकरों की बात कही थी, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर 20 हो गई है, जो सीधे अमेरिका की ओर बढ़ेंगे। इस पूरी कूटनीतिक हलचल के केंद्र में पाकिस्तान की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनकर उभरी है। ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के माध्यम से ईरान के साथ बातचीत काफी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और अमेरिका इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है। उनके मुताबिक, युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका द्वारा रखी गई 15 शर्तों में से ज्यादातर पर ईरान ने अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी किसी अंतिम समझौते पर मुहर नहीं लगी है, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि जल्द ही कोई बड़ा समाधान निकल सकता है। गौरतलब है कि इस्लामाबाद में हाल ही में मिस्र, तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सभी देशों ने एक सुर में कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और इसके वैश्विक परिणाम विनाशकारी होंगे। एक तरफ जहां ट्रंप समझौते की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके कड़े तेवर भी बरकरार हैं। उन्होंने एक बार फिर ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। खर्ग द्वीप वह स्थान है जहां से ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात होता है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका इस द्वीप को अपने कब्जे में लेने के विकल्प पर विचार कर रहा है, जिसके लिए वहां लंबे समय तक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति अनिवार्य होगी। इस धमकी पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सैन्य कमांडरों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिकों ने उनके क्षेत्र में कदम रखा, तो उन्हें भयावह अंजाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने अपने संबोधन में एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि ईरान के भीतर सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वहां नई शक्तियां उभर रही हैं। उनके अनुसार, पुराने नेतृत्व का प्रभाव खत्म हो रहा है और अब नए समूहों के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में तेल टैंकरों की यह आवाजाही इस क्षेत्र में शांति का नया रास्ता खोलेगी या तनाव की आग और भड़केगी। वीरेंद्र/ईएमएस/30मार्च2026