राष्ट्रीय
30-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत लगातार कहता रहा है, वह दुनिया की सबसे बड़ी तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज में पहुंच रहा है। भारत अभी चौथी अर्थव्यवस्था है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के इस दावे के विपरीत स्थिति देखने को मिल रही है। इससे भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। विदेशी मानकों में भारत की अर्थव्यवस्था से लेकर हर मामले में गिरावट देखने को मिल रही है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स मे हैप्पीनेस प्रेस फ्रीडम में भारत की हैसियत पिछले वर्षों की तुलना में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। वैश्विक रिपोर्ट में भारत को उन देशों के पीछे रखा गया है। जो गृह युद्ध, आर्थिक कंगाली और तानाशाही से जूझ रहे हैं। भारत की स्थिति को इससे भी ज्यादा कमजोर बताया गया है। पर्यावरण सुधार में उल्लेखनीय कार्य करने वाला भारत अब 180 देशों की सूची में 176 वें स्थान पर पहुंच गया है। वैश्विक इंडेक्स अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा जारी किए जाते हैं। रिपोर्ट की वैश्विक संस्थाओं द्वारा लगातार समीक्षा की जाती है। जिसका असर भारत पर पड़ता है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 123 देश की सूची में 102 नंबर पर पहुंच गया है। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, उत्तर कोरिया जैसे देश भारत से बेहतर स्थिति में है। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में भारत 147 देश की सूची में 116 स्थान पर पहुंच गया है। नेपाल, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, इराक और कांगो जैसे देश की स्थिति भारत से बेहतर है। प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की स्थिति पहले की तुलना में बहुत कमजोर हुई है। 180 देशों की सूची में भारत 151 वें स्थान पर है। जिन देशों में राजशाही है, या लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है। उन देशों की तुलना में भी भारत पिछड़ रहा है। इस कारण भारत की स्थिति बहुत कमजोर हुई है। लोकतंत्र के सूचकांक में भारत 167 देश की सूची में 41वें स्थान पर पहुंच गया है। चिली,अर्जेंटीना, फिजी, वोत्सवाना जैसे देशों की तुलना में भारत की स्थिति उनसे ज्यादा खराब है। ग्लोबल जेंडर गैप मैं भी भारत अन्य राष्ट्रों की तुलना में पीछे है। 148 देश की सूची में भारत का 131 वां स्थान है। बांग्लादेश, भूटान,जिंबॉब्वे और इथोपिया की स्थिति भारत से बेहतर है। मानव विकास सूचकांक में भी वैश्विक मानक में भारत पिछड गया है। 193 देशों की सूची में भारत 130 वें स्थान पर आया है। प्रति व्यक्ति आय के आधार पर यह सूचांक तैयार होता है। भारत में जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उसका असर जमीनी स्तर पर देखने को नहीं मिल रहा है। प्रति व्यक्ति आय मैं भारत तेजी के साथ पिछड रहा है। इस मामले में इराक, मोरक्को मिश्र और वेनेजुएला जैसे देशों की स्थिति भारत से बेहतर है। भारत क्यों पिछड रहा है? हंगर इंडेक्स में भारत को उन देशों से भी हंगर इंडेक्स में भारत से बेहतर बताया गया है। जिन्हें भारत कई तरह की सहायता उपलब्ध कराता है। उसके बाद भी भारत उन देशों के मुकाबले पीछे है। भारत सरकार जो डाटा तैयार करती है। उसको वैश्विक स्तर पर संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। वास्तविक स्थिति मे जो डाटा सरकार द्वारा दिया जाता है। वह डेटा के अनुकूल नहीं होता है। हंगर इंडेक्स पश्चिमी देशों के मानक के आधार पर तैयार किए जाते हैं। इसको लेकर समय-समय पर भारत द्वारा आपत्ति जताई जाती है। वैश्विक संस्थाओं द्वारा हंगर इंडेक्स को मान्यता दी जाती है। एसजे / 30 मार्च 26