-ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति रजा आरिफ के ऐलान ने वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक की उड़ा दी नींद तेहरान,(ईएमएस)। अमेरिका सालों से ईरान में रिजीम चेंज के सपने देख रहा था, लेकिन ईरान ने बाजी पलटते हुए एक ऐसा रिजीम चेंज कर दिया है जिसने वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक की नींद उड़ा दी है। बिना कोई मिसाइल दागे, ईरान ने दुनिया की अर्थव्यवस्था की सबसे नाजुक नस दबा दी है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने अमेरिका को लेकर ऐसा ऐलान किया है, जो किसी भी परमाणु बम से ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने कहा कि… हां, रिजीम चेंज हो गया है…लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का सिस्टम! होर्मुज का जो सिस्टम अतीत में था, अब वह वैसा नहीं रहेगा। यह हमेशा के लिए हमारा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह सिर्फ एक खोखला राजनीतिक बयान नहीं है, यह दुनिया की इकोनॉमिकल लाइफ लाइन को हमेशा के लिए अपने कब्जे में लेने की ईरान की हुंकार है। आरिफ ने साफ कर दिया है कि तेहरान युद्ध के मैदान में मिली अपनी ‘उपलब्धियों’ को अब देश के लिए स्थायी आर्थिक और सुरक्षा फायदों में भुनाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो- ‘अब हम तय करेंगे कि इस समंदर से किसका तेल गुजरेगा और किसका जहाज डूबेगा। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के जनरलों ने फाइलें खोल ली हैं। खबरें हैं कि वे ईरान के अंदर सीमित जमीनी हमले की तैयारी कर रहे हैं। उनके निशाने पर खार्ग आईलैंड और होर्मुज के तटीय इलाके हैं, लेकिन अमेरिका की परेशानी यह है कि उसका बायां हाथ नहीं जानता कि दायां हाथ क्या कर रहा है। एक तरफ फौज तैयार है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बयान दे रहे हैं कि हम बिना जमीनी सेना उतारे ही अपने सारे लक्ष्य हासिल कर लेंगे। अमेरिका दूर से पत्थर फेंकने की बात कर रहा है क्योंकि उसे पता है कि अगर उसने ईरान की जमीन पर कदम रखना तो उसके सैनिकों को मौत के मुंह में धकेना होगा। अमेरिका की इसी हिचकिचाहट और कन्फ्यूजन ने ईरान को और ज्यादा आक्रामक होने का हौसला दिया है। कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर ईरान अब अपना आपा खो चुका है। पिछले दिनों इजराइल और अमेरिका ने ईरान की दो यूनिवर्सिटियों को यह कहकर तबाह कर दिया कि वहां परमाणु रिसर्च हो रही थी। इसके जवाब में ईरान ने ऐसा पलटवार किया कि पश्चिमी देशों की घिग्घी बंध गई है। तेहरान ने सीधे खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी और पश्चिमी यूनिवर्सिटियों को तबाह करने की धमकी दे दी। ईरान का संदेश साफ है- अगर हमारे छात्र सुरक्षित नहीं हैं, तो तुम्हारे भी नहीं बचेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान का प्रॉक्सी वॉर अपने चरम पर है। यमन में बैठे ईरान के मददगार ‘हूती’ अब इजराइल पर सीधे मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश कर रहे हैं। बौखलाहट में इजराइल के फाइटर जेट्स बेरूत में हमले कर दहशत फैला रहे हैं ताकि लोगों के दिलों में खौफ पैदा हो। लेबनान में हालात इतने भयानक हैं कि एक ही दिन में 9 मेडिकल स्टाफ की मौत हो गई। सिराज/ईएमएस 30मार्च26