* एसएससी और एचएससी की मार्कशीट में होगा डिजिटल बदलाव, फर्जी दस्तावेज़ों पर लगेगी रोक, छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसईबी) ने राज्य के लाखों विद्यार्थियों के हित में एक क्रांतिकारी और तकनीक आधारित निर्णय लिया है। पिछले 21 वर्षों से प्रचलित पारंपरिक मार्कशीट फॉर्मेट में अब बड़ा बदलाव किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्ष 2027 से कक्षा 10 (एसएससी) और कक्षा 12 (एचएससी) की मार्कशीट में सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘बारकोड’ प्रणाली लागू की जाएगी। डिजिटल युग में आगे बढ़ते भारत के साथ कदम मिलाते हुए गुजरात बोर्ड ने भी अपनी व्यवस्था को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। अब तक मार्कशीट में सीमित सुरक्षा फीचर्स थे, लेकिन नए बदलाव के तहत मार्कशीट पर दिए गए बारकोड को स्कैन करके छात्र की पूरी जानकारी ऑनलाइन तुरंत देखी जा सकेगी। यह बदलाव केवल दिखावे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे फर्जी मार्कशीट के मामलों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। हर साल गुजरात में लगभग 15 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाएं देते हैं। उच्च शिक्षा या नौकरी के दौरान दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी, लेकिन अब बारकोड और डिजिटल सिग्नेचर की मदद से कोई भी संस्था आसानी से मार्कशीट की सत्यता जांच सकेगी। इसके अलावा, छात्रों के लिए अपनी मार्कशीट की डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखना और उसका उपयोग करना भी बेहद आसान हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश के कई अन्य राज्यों में पहले से ही QR कोड, फोटो और डिजिटल सिग्नेचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब गुजरात बोर्ड भी इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2027 का बैच इस नई हाई-टेक मार्कशीट को प्राप्त करने वाला पहला बैच होगा। सतीश/30 मार्च