30-Mar-2026
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-हिना रब्बानी बोलीं- इस तरह की सियासी ड्रामेबाजी पूरे क्षेत्र को कर रही प्रभावित नई दिल्ली,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने पूरी दुनिया की राजनीति को गर्मा दिया है। एक तरफ ईरान के खिलाफ इजराइल-अमेरिका जंग से तनाव चरम पर है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में भारत पर निशाना साधा। दरअसल भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के एक बयान ने इस्लामाबाद में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत किसी का दलाल देश नहीं है। पाकिस्तान की सरकार से लेकर वहां के नेताओं तक इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पाकिस्तानी सरकार के साथ-साथ अब पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार कहा कि पाकिस्तान क्या शांतिदूत बन पाएगा कभी? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष को लेकर पाकिस्तान की मध्यस्था पर सवाल उठाए और कहा कि भारत इस खेल का हिस्सा नहीं है क्योंकि भारत कोई दलाल राष्ट्र नहीं है। यही बयान पाकिस्तान को नागवार गुजरा। सबसे पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और भारत के बयान को गैर कूटनीतिक बताया, लेकिन मामला यहीं नहीं रुकता। पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार भी इस विवाद में कूद पड़ी। सोशल मीडिया पर जयशंकर के बयान की आलोचना करते हुए खार ने कहा कि इस तरह की सियासी ड्रामेबाजी पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रही है और यह दुख की बात है कि पूरा इलाका ऐसे बयानों का बंधक बनता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक हिना रब्बानी खार ने जयशंकर के बयान को ड्रामेबाजी बताया है। दरअसल इस पूरे विवाद की जड़ पाकिस्तान की वही कोशिश है जिसमें वह खुद को ईरान और अमेरिका के बीच संभावित मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद चाहता है कि उसकी जमीन पर ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधि बैठकर सीज फायर की बातचीत करें, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह इस तरह की मध्यस्था की राजनीति से दूर है। जयशंकर के इसी बयान के बाद से पाकिस्तान के नेताओं में बेचैनी बढ़ गई है और अब बयानबाजी की जंग खुलकर भारत और पाकिस्तान के बीच दिखाई दे रही है। सिराज/ईएमएस 30मार्च26