नई दिल्ली,(ईएमएस)। राज्यसभा में सोमवार को मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल युद्ध का मुद्दा उठाकर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने इसके गंभीर वैश्विक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभावों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब एक महीने से अधिक समय से जारी है और इसके परिणाम केवल क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं। शिवसेना यूबीटी नेता राउत के अनुसार, इस युद्ध के कारण ईंधन और एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे वैश्विक स्तर पर संकट गहराता जा रहा है। हालांकि उन्होंने विशेष रूप से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरों को अधिक गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की राजधानी तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में एयर स्ट्राइक के कारण ऑयल रिफाइनरी और गैस भंडारों में भीषण आग लगी है, जिससे भारी मात्रा में जहरीला धुआं वातावरण में फैल गया है। इस धुएं में सल्फर, नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य खतरनाक रसायन शामिल हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। शिवसेना यूबीटी नेता राउत ने बताया कि वहां के लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने ‘ब्लैक रेन’ यानी काली बारिश की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसमें विषैले तत्व शामिल होते हैं। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनियों का हवाला देकर कहा कि यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदूषण सीमाओं में बंधा नहीं रहेगा और भविष्य में भारत के पश्चिमी राज्यों—गुजरात, राजस्थान और पंजाब—पर भी असर डाल सकता है। इससे वायु गुणवत्ता खराब होने, एसिड रेन की संभावना बढ़ने, फसलों के नुकसान, मिट्टी के दूषित होने और सांस संबंधी बीमारियों व कैंसर जैसी समस्याओं के बढ़ने का खतरा है। संजय राउत ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाए। साथ ही पश्चिमी राज्यों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और एक प्रभावी अलर्ट सिस्टम तैयार रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस पर्यावरणीय संकट के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, ताकि युद्ध को जल्द समाप्त किया जा सके। उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि यह युद्ध अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहा, बल्कि वैश्विक पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। आशीष दुबे / 30 मार्च 2026