राज्य
31-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने आबकारी नीति जांच में समन जारी होने के बावजूद पेश न होने के मामलों में अरविंद केजरीवाल को बरी किए जाने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। ED का आरोप है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का पालन नहीं किया। ईडी की अपील याचिका पर बुधवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच सुनवाई करेगी। ईडी ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दो अलग-अलग मामलों में बरी किए जाने को चुनौती दी है। ये मामले आबकारी नीति से संबंधित मामले में जारी समन के बावजूद एजेंसी के सामने पेश न होने के कारण दर्ज किए गए थे। ट्रायल कोर्ट के 22 जनवरी के आदेशों के खिलाफ ईडी की अपील पर बुधवार (2 अप्रैल) को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच सुनवाई करेगी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि उस समय के मुख्यमंत्री ने जानबूझकर समन का जवाब न देकर और जांच में शामिल न होकर उनके आदेशों का पालन नहीं किया। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि केजरीवाल ने बेबुनियाद आपत्तियां उठाईं और जानबूझकर जांच में शामिल न होने के बहाने बनाए। वहीं अपने फैसले में निचली अदालत ने कहा था कि ईडी यह साबित करने में विफल रही कि अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर उन्हें जारी किए गए समन का उल्लंघन किया। ईडी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में अन्य आरोपी केजरीवाल के संपर्क में थे और उन्होंने उस आबकारी नीति को तैयार करने में सहयोग किया था जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इस नीति के परिणामस्वरूप उन्हें अनुचित लाभ मिला और आम आदमी पार्टी को रिश्वत मिली। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/31/ मार्च/2026