- नरसिंहपुर की मादा तेंदुआ संक्रमित; श्वानों से फैला घातक वायरस भोपाल (ईएमएस)। नरसिंहपुर जिले के करेली वन क्षेत्र से पकड़ी गई एक मादा तेंदुआ कैनाइन डिस्टेंपर से संक्रमित मिली है। जबलपुर के वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट में चल रहे इलाज के दौरान डाक्टरों को इसकी जानकारी लगी। यह बीमारी आमतौर पर श्वानों में पाई जाती है। जांच में सामने आया कि संक्रमण के कारण मादा तेंदुए की हालत बिगड़ रही थी और वह सामान्य व्यवहार नहीं कर पा रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में आवारा श्वानों का शिकार करने के कारण यह वायरस तेंदुए तक पहुंचा। वन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता घटना के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्रों में घूम रहे आवारा श्वानों को हटाने के लिए अभियान तेज कर दिया है। तेंदुए में मिली बीमारी ने नेशनल पार्क प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। संभवत: प्रदेश में यह दूसरा मामला है। इससे पहले सिवनी में एक तेंदुए में इस बीमारी के लक्षण मिले थे। शिकार करने की क्षमता पर असर इस बीमारी से तेंदुआ शिकार करने की क्षमता तक खो सकता है। चिंताजनक यह भी है कि इस वायरस के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। जांच में मिली पुष्टि बीमार तेंदुए का नियमित इलाज जारी है। तेंदुए के ब्लड और नाखून के सैंपल लेकर जांच की गई, जिसमें कैनाइन डिस्टेंपर के लक्षण मिले हैं। डॉ. शोभा जावरे, डायरेक्टर, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट वेटरनरी विवि जबलपुर ने इसकी पुष्टि की है। विनोद / 31 मार्च 26