क्षेत्रीय
31-Mar-2026
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- समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग, किसान बोले- लागत बढ़ी, व्यापारी सही दाम नहीं देते भोपाल (ईएमएस)। मप्र के किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल की खरीदी को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, जिससे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों का मानना है कि यदि मूंग की उपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर नहीं होती है, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्हें आशंका है कि मंडियों में व्यापारी मनमाने तरीके से कम दामों पर मूंग खरीदेंगे, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। किसान बोले- व्यापारी कम दाम देते हैं किसानों ने बताया कि मूंग की फसल में प्रति एकड़ 10 से 15 हजार रुपये की लागत आती है। समर्थन मूल्य पर कम से कम 8700 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलता है, लेकिन यदि सरकार खरीद नहीं करती है, तो व्यापारी इसे मात्र तीन से चार हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेंगे। समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग की किसानों ने कहा कि यदि समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी नहीं होती है, तो किसान आर्थिक रूप से टूट जाएंगे। उन्होंने मौसम की मार के साथ-साथ सरकारी नीतियों को भी किसानों की समस्याओं का कारण बताया। भारतीय किसान संघ ने सोशल मीडिया से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस वर्ष मूंग की खरीदी न करने का निर्णय किसान विरोधी है, जिसका संघ घोर विरोध करता है। युवा किसान अंकित चोयल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की जल्द घोषणा करने की मांग की है। किसान संदीप डाले ने बताया कि नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के कारण भी इस साल मूंग की लागत बढ़ गई है। इससे मूंग की फसल किसानों के लिए एक चुनौतीपूर्ण फसल बन गई है। विनोद / 31 मार्च 26