दंतेवाड़ा(ईएमएस)। नक्सलवाद की समाप्ति के लिए तय 31 मार्च की डेडलाइन के दिन दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। सरेंडर करने वालों में 4 महिला और 1 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन पर कुल 9 लाख रुपए का इनाम घोषित था। यह आत्मसमर्पण जिला पुलिस लाइन कारली में ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के तहत हुआ। सरेंडर करने वालों में 5 लाख का इनामी एसीएम सोमे कड़ती सहित लखमा ओयाम, सरिता पोड़ियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम शामिल हैं, जो भैरमगढ़ और गंगालूर एरिया कमेटी से जुड़े थे। कार्यक्रम में बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी सीआरपीएफ राकेश चौधरी, कलेक्टर देवेश ध्रुव और एसपी गौरव राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए इंसास, एसएलआर और बीजीएल सहित करीब 40 घातक हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ‘पूना मारगेम’ योजना का असर लगातार दिख रहा है। वर्ष 2024 से लेकर 31 मार्च 2026 तक दंतेवाड़ा जिले में 607 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। इसके अलावा, संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 92 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 54 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पुलिस का कहना है कि आगे भी नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जाएगा और अभियान लगातार जारी रहेगा। सत्यप्रकाश(ईएमएस)31 मार्च 2026