* उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्रों में सुदृढ़ कनेक्टिविटी से आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति * आधुनिक, समावेशी एवं सशक्त रेल अवसंरचना के माध्यम से विकसित गुजरात की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि अहमदाबाद (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान 31 मार्च 2026 को राज्य में रेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु 891 करोड़ के महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं में खेडब्रह्मा-हिम्मतनगर रेल लाइन का लोकार्पण तथा खेडब्रह्मा–हिम्मतनगर–अहमदाबाद (असारवा) नई रेल सेवा का शुभारंभ, गांधीधाम–आदीपुर रेल लाइन के मल्टी-ट्रैकिंग एवं कानालुस–जामनगर रेल लाइन के दोहरीकरण का राष्ट्र को समर्पण शामिल हैं। ये सभी परियोजनाएँ गुजरात राज्य के विभिन्न क्षेत्रों—उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र एवं कच्छ—को सशक्त कनेक्टिविटी प्रदान करते हुए राज्य के समग्र विकास को नई गति दे रही हैं। इस अवसर पर खेडब्रह्मा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में साबरकांठा की सांसद शोभनाबेन बारैया, राज्यसभा सांसद रमीलाबेन बारा, हिम्मतनगर के विधायक विनेन्द्रसिंह झाला सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इसी प्रकार इडर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में रमणलाल वोरा माननीय विधायक–इडर गणमान्य उपस्थित रहे। इसी प्रकार गांधीधाम स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के उच्च एवं तकनीकि शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकम छांगा, श्रम एवं कौशल विकास मंत्री कांतिलाल अमृतिया, मांडवी के विधायक अनिरुद्ध दवे - माननीय विधायक-मांडवी अतिथिगण उपस्थित रहे। * खेडब्रह्मा-हिम्मतनगर रेल लाइन एवं खेडब्रह्मा–हिम्मतनगर–अहमदाबाद नई रेल सेवा: उत्तर गुजरात के समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबरकांठा जिले में 55 किलोमीटर लंबी खेडब्रह्मा-हिम्मतनगर ब्रॉडगेज रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण होकर जनता को समर्पित किया जा चुका है। लगभग 482 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस रेल लाइन ने उत्तर गुजरात के दूरस्थ, आदिवासी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए विकास की नई राह खोल दी है। इसके साथ ही खेडब्रह्मा–हिम्मतनगर–अहमदाबाद (असारवा) के मध्य नई रेल सेवा के शुभारंभ से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस परियोजना से: · हिम्मतनगर, ईडर, वडाली, खेडब्रह्मा, पोशीना एवं विजयनगर जैसे क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित एवं सुलभ रेल कनेक्टिविटी प्राप्त होगी · खेडब्रह्मा से प्रसिद्ध अंबाजी धाम तक की यात्रा अब और अधिक सरल और सुगम हो जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही मार्ग में प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का लाभ मिल सकेगा। खेडब्रह्मा, जिसे प्राचीन “ब्रह्मक्षेत्र” के रूप में जाना जाता है, अब रेल कनेक्टिविटी से जुड़कर एक महत्वपूर्ण धार्मिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। ब्रह्मा मंदिर एवं आसपास के आदिवासी धार्मिक स्थलों के कारण यह क्षेत्र एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहाँ पहुँचना अब अधिक सरल एवं सुविधाजनक होगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा · इडर, अपने ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिरों एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से इडर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक यात्रियों की पहुँच अधिक सुगम एवं सुविधाजनक हो जाएगी · हिम्मतनगर, जो एक प्रमुख सिरेमिक एवं औद्योगिक केंद्र है, जहाँ एशियन ग्रेनिटो, एडिसन सैनिटो, ओरेकल, केथोस, एक्सारो, सोनाटा और सेंचुरी टाइल्स जैसी इकाइयाँ संचालित हैं तथा यह शहर तराजू उद्योग के लिए भी प्रसिद्ध है, साथ ही शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र होने के कारण इस परियोजना से औद्योगिक परिवहन एवं जन-आवागमन दोनों को लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिलेगी · साबरकांठा जिले के निवासियों को अहमदाबाद एवं उदयपुर तक सीधा रेल संपर्क प्राप्त होगा, जिससे यात्रा अधिक सुगम होगी · किसानों, व्यापारियों एवं स्थानीय उद्योगों को बाजार से बेहतर जुड़ाव मिलेगा, जिससे व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे · इस 55 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन से यात्रियों, व्यापारियों एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में समग्र रूप से सुविधा प्राप्त होगी * गांधीधाम–आदिपुर रेल लाइन मल्टी-ट्रेकिंग: कच्छ क्षेत्र में व्यापार, बंदरगाह और लॉजिस्टिक गतिविधियों को सुदृढ़ समर्थन कच्छ जिले में स्थित गांधीधाम–आदिपुर रेल खंड मल्टी-ट्रेकिंग कार्य पूर्ण कर राष्ट्र को समर्पित किया जा चुका है। लगभग 11 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 152 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परियोजना के माध्यम से: · दीनदयाल बंदरगाह (कंडला पोर्ट) से जुड़े इस व्यस्त रेल मार्ग पर क्षमता बढ़ने से भीड़ कम होगी और ट्रेनों का संचालन तेज व अधिक भरोसेमंद होगा · गांधीधाम–अदीपुर क्षेत्र के उद्योगों, लॉजिस्टिक पार्कों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी · बंदरगाह से आयात-निर्यात का माल जल्दी बाहर भेजा जा सकेगा, जिससे समय और खर्च दोनों कम होंगे · कच्छ के किसानों और कृषि से जुड़े उद्योगों को अपनी उपज, नमक आदि सस्ते और जल्दी बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी · अधिक ट्रेनें चल सकेंगी, जिससे क्षेत्र का विकास बढ़ेगा और गुजरात के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा · कंटेनर, नमक, पेट्रोलियम, ऑयल एवं लुब्रिकेंट्स (पीओएल), उर्वरक, कोयला, बेंटोनाइट एवं अन्य वस्तुओं की ढुलाई अब अधिक कुशलता, तीव्रता एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी गांधीधाम, कच्छ क्षेत्र का एक प्रमुख माल ढुलाई केंद्र है, जो पूरे देश में व्यापारिक गतिविधियों को गति देता है। आदिपुर इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण यात्री केंद्र है, जो स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन को सुगम बनाता है। * कानालुस–जामनगर रेल लाइन का दोहरीकरण: सौराष्ट्र के औद्योगिक और पर्यटन विकास को नई गति कानालुस–जामनगर रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर राष्ट्र को समर्पित किया जा चुका है। लगभग 27 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परियोजना से: रेल मार्ग की क्षमता में वृद्धि हुई होगी और दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा जामनगर के औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी द्वारका जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी उपज जल्दी बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी जामनगर, जो सौराष्ट्र क्षेत्र का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। वहीं कानालुस जंक्शन, जो विभिन्न रेल मार्गों को जोड़ने वाला एक रणनीतिक बिंदु है, अब और अधिक सक्षम होकर पूरे क्षेत्र में रेल संचालन को सुगम बना रहा है। * सशक्त रेल कनेक्टिविटी से विकसित गुजरात की ओर अग्रसर भारत इन सभी परियोजनाओं और नई रेल सेवा के माध्यम से गुजरात राज्य में रेल नेटवर्क अधिक मजबूत, आधुनिक और सक्षम हुआ है। उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ जैसे क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास, कृषि प्रगति, पर्यटन संवर्धन और सामाजिक समावेशन को नई गति मिली है। भारतीय रेल की यह पहल “जनसुविधा, क्षेत्रीय संतुलन और आर्थिक सशक्तिकरण” के लक्ष्य को साकार करते हुए गुजरात को एक विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यह उपलब्धि न केवल गुजरात, बल्कि पूरे राष्ट्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है। सतीश/31 मार्च