नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नक्सलवाद, एफसीआरए संशोधन बिल विवाद और प्रधानमंत्री के बयान को लेकर कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को अपने रुख पर आत्ममंथन करना चाहिए। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी अक्सर उन लोगों के साथ मंच साझा करते नजर आते हैं, जिन पर वामपंथी उग्रवाद फैलाने के आरोप लगते रहे हैं। उनका उठना-बैठना उग्रवाद फैलाने वाले लोगों के साथ होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुद कांग्रेस के कई कार्यकर्ता नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद की हिंसा में मारे गए हैं, तो पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपनाता? उन्होंने कहा, अब समय आ गया है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता खुद राहुल गांधी और सोनिया गांधी से सवाल पूछें कि आखिर वे ऐसे लोगों के साथ क्यों खड़े दिखाई देते हैं, जिनका संबंध उग्रवाद से जोड़ा जाता है। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा है कि सरकार के पास कोई काम नहीं है और अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, रुपए या अर्थव्यवस्था से ज्यादा कांग्रेस और राहुल गांधी की साख गिर रही है। किरेन रिजिजू ने कहा कि देश की छवि को नुकसान नहीं हो रहा है, क्योंकि भारत के पास मजबूत नेतृत्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद देश को नियंत्रण में रखा गया है। सुबोध/३१-०३-२०२६