:: वाराणसी में साझा विरासत का जश्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सहयोग सम्मेलन का शुभारंभ, 2000 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट पर साथ काम करेंगे दोनों राज्य :: वाराणसी/इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश अब केवल भौगोलिक पड़ोसी नहीं, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक रणनीतिक पार्टनर के रूप में विश्व पटल पर उभरेंगे। वाराणसी के भव्य काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अब महाकाल की नगरी उज्जैन का भी ऐतिहासिक कायाकल्प होगा। मंगलवार को बनारस में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों राज्यों के रिश्तों के नए स्वर्ण युग की शुरुआत की। इस दौरान काशी विश्वनाथ और महाकाल मंदिर ट्रस्ट के बीच सीधा एमओयू हुआ, जिससे दोनों ज्योतिर्लिंगों के बीच धार्मिक पर्यटन का एक एकीकृत ग्लोबल सर्किट विकसित होगा। :: उज्जैन में 284 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट : बनेगा यूनिटी मॉल :: सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा उज्जैन में बनने वाला यूनिटी मॉल रही। 284 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मॉल मध्य भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक केंद्र होगा। यहाँ मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों के ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प (जैसे बनारसी साड़ी और गुलाबी मीनाकारी) भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। यह मॉल दोनों राज्यों के कारीगरों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का द्वार खोलेगा। :: सम्मेलन की 5 बड़ी और प्रभावी बातें :: मंदिरों का डिजिटल और मैनेजमेंट तालमेल : काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के बीच हुए समझौते से अब दोनों मंदिरों की प्रबंधन व्यवस्था, क्राउड कंट्रोल और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए साझा तकनीक व अनुभव का आदान-प्रदान होगा। नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गर्व से ऐलान किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और राज्य के कड़े प्रयासों से मध्यप्रदेश अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे बालाघाट और मंडला जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अब औद्योगिक निवेश की राह आसान होगी। ग्रीन एनर्जी पार्टनरशिप : मुरैना में 2000 मेगावाट का विशाल सोलर पावर प्रोजेक्ट एमपी और यूपी मिलकर तैयार कर रहे हैं। यह क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनेगा। केन-बेतवा का वरदान : नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड के दोनों राज्यों (एमपी-यूपी) के जिलों में सिंचाई और पेयजल की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। सिंहस्थ-2028 की तैयारी : उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए एमपी सरकार प्रयागराज महाकुंभ और काशी कॉरिडोर की मैनेजमेंट तकनीक का गहन अध्ययन कर उसे लागू करेगी। :: ओडीओपी में एमपी ने गाड़े झंडे : मिला सिल्वर मेडल :: प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने सम्मेलन में जानकारी दी कि मध्यप्रदेश अब ओडीओपी उत्पादों के निर्यात में लंबी छलांग लगा रहा है। प्रदेश का कुल निर्यात 70 हजार करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है और राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी श्रेणी में मध्यप्रदेश ने सिल्वर मेडल हासिल किया है। सम्मेलन की प्रदर्शनी में बनारस की गुलाबी मीनाकारी और एमपी के चंदेरी-महेश्वरी सिल्क ने अपनी कला की चमक बिखेरी। :: पर्यटन की नई उड़ान : हवाई सेवा से जुड़ेंगे तीर्थ स्थल :: राउंड टेबल सेशन के दौरान सीएम ने बताया कि एमपी देश का पहला राज्य है जिसने पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और हेली सेवा की शुरुआत की है। अब बनारस आने वाले पर्यटक सीधे हवाई मार्ग से चित्रकूट, ओरछा और खजुराहो जैसे एमपी के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों तक सुगमता से पहुँच सकेंगे। :: यूपी के मंत्रियों ने जताई बड़ी उम्मीदें :: नंद गोपाल नंदी (औद्योगिक विकास मंत्री, यूपी) : बाबा महाकाल के भक्त डॉ. यादव का काशी में आगमन सुखद है। यह सम्मेलन एमएसएमई सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। राकेश सचान (एमएसएमई मंत्री, यूपी) : यूपी में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं। एमपी के साथ ओडीओपी शेयरिंग और निवेश समझौतों से दोनों राज्यों का टर्नओवर कई गुना बढ़ेगा। इस ऐतिहासिक सम्मेलन से बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल और बघेलखंड के इलाकों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। दोनों राज्यों का यह डबल इंजन अब साझा सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। प्रकाश/31 मार्च 2026