क्षेत्रीय
01-Apr-2026
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बेतिया, (ईएमएस)। बिहार के पश्चिम चंपारण ज़िले के रामनगर में एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान 20 साल की एक गर्भवती महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वालों ने, वहां मौजूद डॉक्टर के साथ मिलकर, उसकी हत्या की साज़िश रची। वहीं नवजात बच्चे के गायब होने से यह मामला और भी गंभीर हो गया है। मृत महिला की मां, शबनम ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की शादी दो साल पहले चौतरवा थाना क्षेत्र के रायबारी महुआवा गांव के रहने वाले इमरान अंसारी से हुई थी। वह गर्भवती थी और घटना से ठीक दो दिन पहले ही उसने अपने परिवार से बात की थी। शबनम ने आरोप लगाया कि रामनगर के एक खास निजी अस्पताल में अपनी बेटी को ले जाने के खिलाफ उनकी चेतावनी के बावजूद ससुराल वालों ने मायके वालों को बिना बताए उसे वहीं भर्ती करा दिया। कुछ घंटों बाद, उन्हें उसकी मौत की खबर दी गई। उन्होंने कहा, जब हम अस्पताल पहुंचे, तो वहां सिर्फ़ मेरी बेटी की लाश थी। ससुराल वाले और नवजात बच्चा गायब थे। परिवार ने लंबे समय से दहेज के लिए परेशान करने का आरोप भी लगाया है। उनके मुताबिक, ससुराल वाले 20 लाख रुपये की एक कार की मांग कर रहे थे। आर्थिक तंगी के बावजूद, परिवार ने कर्ज़ लेकर 10 लाख रुपये की एक गाड़ी का इंतज़ाम किया, लेकिन उनकी मांगें जारी रहीं। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों पर ज़हरीला इंजेक्शन देने का भी आरोप लगाया, जिससे उनकी बेटी की मौत हो गई। उनका ये भी दावा है कि इस अस्पताल का गलत इलाज और गैर-कानूनी तरीका का पुराना इतिहास रहा है। उधर बगहा के एसपी रामानंद कौशल ने कहा कि परिवार की शिकायत के आधार पर रामनगर थाने में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अस्पताल की भूमिका और उसकी कानूनी वैधता की भी जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल पाएगी। फ़िलहाल आरोपियों का पता लगाने और लापता नवजात बच्चे को ढूंढने की कोशिशें जारी हैं। संतोष झा-०१ अप्रैल/२०२६/ईएमएस