बेतिया, (ईएमएस)। दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर पिछले साल पश्चिम चंपारण में हुई दोहरे हत्याकांड जिसे ऑनर किलिंग (इज्ज़त के लिए हत्या) माना जा रहा है, से जुड़े होने का आरोप है। आरोपियों- रामपुर बगीचा के रामू मुशहर और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के महादेव के रहने वाले जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन मुखिया ने एक नाबालिग लड़की और उसके प्रेमी की हत्या करने और सामाजिक बदनामी से बचने के लिए इस अपराध को आत्महत्या का रूप देने की बात कबूल कर ली है। बगहा के एसपी रामानंद कौशल ने कहा कि यह मामला 14 सितंबर, 2025 का है, जब रामपुर बगीचा टोला के रहने वाले मदन बीन ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी, दुलारी कुमारी, का अपहरण कर लिया गया है। उन्होंने अपनी शिकायत में उसी गांव के आठ लोगों के नाम लिए थे, जिनमें अखिलेश यादव भी शामिल था। इसके बाद, अखिलेश की मां ने अदालत में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने लड़की के परिवार पर अपने बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाया। लगभग चार महीने बाद, इस साल 22 जनवरी को, गांव के कुछ लोग पास के मदनपुर जंगल इलाके में जलाऊ लकड़ी लेने गए थे। वहां उन्हें एक पेड़ से लटके हुए दो शव मिले। बाद में इन शवों की पहचान उन्हीं लापता लोगों दुलारी कुमारी और अखिलेश यादव के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों के बीच प्रेम-संबंध थे। लड़की के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे, क्योंकि उन्हें सामाजिक बदनामी का डर था। पुलिस ने कहा कि मदन बीन ने अपने साथी रामू मुशहर और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस प्रेमी जोड़े को खत्म करने की साज़िश रची थी। पिछले साल 8 सितंबर को लड़की को कथित तौर पर पत्तियां तोड़ने के बहाने जंगल ले जाया गया था। बाद में, मुशहर के मोबाइल फोन से कॉल करके अखिलेश को भी उसी जगह बुलाया गया। जांचकर्ताओं ने कहा कि आरोपियों ने अखिलेश पर ज़बरदस्ती एक सुसाइड नोट लिखवाया, जिसे बाद में उसके मोबाइल कवर के नीचे छिपा दिया गया। इसके बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर लड़की की हत्या कर दी और अखिलेश का गला घोंट दिया। फिर, उन्होंने दोनों शवों को रस्सियों से बांधकर एक पेड़ से लटका दिया, ताकि यह मामला आत्महत्या जैसा लगे। एसपी ने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी सबूतों के आधार पर की गई हैं। बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए आगे भी छापेमारी जारी है। संतोष झा-०१ अप्रैल/२०२६/ईएमएस