राष्ट्रीय
01-Apr-2026
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आयोग के वकील ने बताया, गुरुवार से ट्रिब्यूनल में सुनवाई भी शुरू होगी नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के पत्र के मुताबिक 7 अप्रैल तक वोटर आईडी से जुड़ी सभी आपत्तियों का निपटारा होगा। चुनाव आयोग के वकील ने सुनवाई के दौरान बताया कि अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए प्रशिक्षण शुरू किया जा चुका है और गुरुवार से ट्रिब्यूनल में सुनवाई भी शुरू होगी। कलकत्ता हाईकोर्ट के पत्र के मुताबिक राज्य में 19 अपीलीय न्यायाधिकरण स्थापित किए हैं, जिनकी अगुवाई रिटायर्ड चीफ जस्टिस कर रहे हैं। अपीलीय न्यायाधिकरण में केवल वे लोग जा सकते हैं जिनके नाम दावे और आपत्ति के दौरान कटे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने रोजाना निपटा रहे मामलों की संख्या पर संतोष जाहिर किया है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि प्रतिदिन पौने दो लाख से दो लाख तक आपत्तियों पर सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान टीएमसी के वकील ने चुनाव आयोग के अधिकारियों के हस्तक्षेप की आशंका जाहिर की, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बेबुनियाद मनाकर खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब अपीलीय न्यायाधिकरण किसी व्यक्ति के मतदाता सूची में शामिल या न होने का निर्णय दे, तब इसके पीछे का कारण सूची में दर्ज करे। यह अंतिम सूची तय करेगी कि व्यक्ति अपने मतदान का अधिकार प्रयोग कर सकेगा या नहीं। सुनवाई के दौरान टीएमसी के वकील कल्याण बनर्जी ने बड़े पैमाने पर फॉर्म-6 जमा होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति 30,000 फॉर्म-6 जमा कर रहा है, इससे हजारों नए मतदाता जुड़ रहे हैं। सीजेआई ने इस पर नाराजगी जताकर कहा कि संदेह पैदा करने वाले बयान नहीं दिए जाने चाहिए। चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि कानून के अनुसार नामांकन की अंतिम तारीख तक मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकते हैं। वकील कल्याण बनर्जी ने नए शामिल होने वाले नामों की जानकारी बूथवार देने की मांग की, ताकि आपत्ति दर्ज कर सका। सीजेआई ने कहा कि सभी न्यायाधीशों की ट्रेनिंग आज पूरी हो जाएगी ताकि वे ऑनलाइन और ऑफलाइन फाइल की गई सभी अपील देख सकें। इसके अलावा, बंगाल में चुनावी हिंसा की आशंका के मद्देनजर सनातनी संस्था ने याचिका दायर कर पूर्व चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में हाईलेवल मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की। इस कमेटी का उद्देश्य चुनावी हिंसा की घटनाओं की निगरानी करना है, ताकि 2022 जैसे हालात फिर न बने। सुप्रीम कोर्ट ने संस्था के वकील को याचिका की प्रति सभी पक्षों को देने का आदेश देकर कहा कि बंगाल एसआईआर पर अगली सुनवाई के दौरान याचिका पर भी विचार होगा। इस प्रक्रिया के तहत अपीलीय न्यायाधिकरणों की नियमित सुनवाई और नए नामों की जांच से बंगाल में अंतिम मतदाता सूची तैयार होगी, जो राज्य में आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी। 60 में से 47 लाख आपत्तियों का निपटारा, आंकड़े देख गदगद हुआ सुप्रीम कोर्ट कोलकाता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से जुड़ी अधिकांश आपत्तियों का समाधान किया गया है। सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में मतदाता सूची को लेकर कुल 60 लाख आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसमें से करीब 47 लाख आपत्तियों का 31 मार्च तक निपटारा हो चुका है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ कर रही है। पीठ ने बताया कि उन्हें मंगलवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की ओर से इस प्रगति के संबंध में एक पत्र प्राप्त हुआ है। आपत्तियों के निपटारे की तेज गति को देखकर सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सीजेआई ने कहा कि हम इन तथ्यों और आंकड़ों को लेकर काफी खुश और बहुत आशान्वित हैं। शीर्ष अदालत ने बताया कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में हर दिन करीब 1.75 से 2 लाख आपत्तियों का निपटारा हो रहा है। अदालत को यह भी अवगत कराया गया है कि इस गति से काम करते हुए 7 अप्रैल तक सभी शेष आपत्तियों पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026