राष्ट्रीय
01-Apr-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। झारखंड की गोड्डा सीट से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि बीजू पटनायक 1960 में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी थे। बीजेपी सांसद दुबे के बयान पर काफी हंगामा हुआ। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजेडी ने विधानसभा में खूब हंगामा किया। इतना ही नहीं, ओडिशा के भाजपा नेताओं ने को भी उनका बयान पंसद नहीं आया। अपने बयान पर हंगामा बढ़ता देख अब सांसद दुबे ने बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने कहा, पिछले हफ्ता मीडिया से बात करते हुए मैनें नेहरु गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले आदरणीय बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातों से गलत अर्थ निकाला गया। नेहरु जी के ऊपर मेरे विचार को बीजू बाबू के ऊपर समझा गया। बीजू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे हैं और रहने वाले हैं। मेरे वक्तव्य से यदि भावनाएं आहत हुई हैं, तब मैं बिना शर्त क्षमा चाहता हूं। दरअसल दुबे ने कहा था, अमेरिका ने तिब्बत पर चीन के कब्जे के डर से वहां अपनी सेना और सीआईए एजेंट भेजे थे। दलाई लामा और उनके भाई अमेरिकी सरकार के लगातार संपर्क में थे। नेहरू ने चीन से 1962 का पूरा युद्ध अमेरिकी धन और सीआईए एजेंटों के सहयोग से लड़ा था। ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिकी सरकार, सीआईए और नेहरू के बीच कड़ी का काम करते थे। सांसद दुबे ने कहा था कि ओडिशा का चारबतिया हवाई अड्डा, जिसमें बीजू पटनायक की महत्वपूर्ण भूमिका थी, यू2 विमानों का अड्डा था और इस हवाई अड्डे पर 1963 से 1979 तक अमेरिकी सेना तैनात थी। बता दें कि सोमवार को बीजेडी के सांसदों ने राज्यसभा में बीजू पटनायक के कथित अपमान का जोरदार विरोध किया, और इसका असर ओडिशा की सड़कों पर भी देखा गया, जहां युवाओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया और भाजपा सांसद का पुतला फूंका। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी के खिलाफ मंगलवार को राज्य विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और उनके विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026