राज्य
01-Apr-2026
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* एसईसीएल की परियोजनाओं पर उठे सवाल * 60 किमी ‘रोजगार दो न्याय यात्रा’ का ऐलान कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले में रोजगार का मुद्दा एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) मनमोहन राठौर ने जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए “रोजगार दो न्याय यात्रा” आंदोलन की घोषणा कर दी है। श्री राठौर ने कलेक्टर को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि जिले के दीपका, गेवरा, कुसमुण्डा,पाली और कोरबा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन हो रहा है, लेकिन स्थानीय भू-विस्थापितों, प्रभावित ग्रामीणों एवं जिलेवासी को रोजगार देने में लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका कंपनियां बाहरी राज्यों के एवं अन्य शहरों के लोगों को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि नीति के अनुसार पहले अधिकार स्थानीय प्रभावितों का होना चाहिए। * स्थानीय युवाओं के साथ “अन्याय” का लगाया आरोप एनएसयूआई का कहना है कि खदानों और परियोजनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। इससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ रहा है। * 60 किमी की पदयात्रा का ऐलान 10 अप्रैल तक समाधान नहीं होने पर ग्राम पंचायत बोईदा (पाली) से 60 किमी लंबी “रोजगार दो न्याय यात्रा” निकाली जाएगी, जो दो दिन में पूरी होकर तीसरे दिन से अनिश्चित कालीन कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी। इस मुद्दे की जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी और कई बड़े नेताओं को भी भेजी गई है, जिससे आंदोलन के व्यापक राजनीतिक रूप लेने के संकेत मिल रहे हैं। 01 अप्रैल / मित्तल