क्षेत्रीय
01-Apr-2026
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- बिजली कंपनियों का निजीकरण बंद हो : पाठक जबलपुर, (ईएमएस)। देश के सभी श्रम संगठनों द्वारा श्रम- विरोधी, नियोक्ता - समर्थक नई चार श्रम संहिताओं के विरोध में काला दिवस मनाकर विरोध किया गया है। मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने कहा कि नई चार श्रम संहिताएं देश के श्रमिकों जो संपत्ति के वास्तविक सृजनकर्ता है उन्हें फिर औपनिवेशिक काल जैसी शोषणकारी परिस्थितियों में धकेलने का प्रयास है। इनमें ऐसे कठोर और दमनकारी प्रावधान है, जिससे यूनियन बनाना अब कठिन, पंजीकरण मुश्किल और निरस्तीकरण आसान हो जाएगा। कार्य समय-सीमा को खुला छोड़ दिया गया है, जिससे उसे मनमाने ढंग से बढ़ाया जा सके। फिक्स्ड टर्म रोजगार को सामान्य बनाया जा रहा है, मौजूदा सामाजिक सुरक्षा कानूनों को कमजोर किया जा रहा है। राकेश डी पी पाठक ने कहा कि इन चार नई श्रम संहिताओं से श्रमिकों, कार्मिकों का हित संवर्धन नहीं बल्कि उत्पीड़न होगा। मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन महामंत्री राकेश डी पी पाठक, यू के पाठक,दिनेश दुबे, अनूप वर्मा,उमाशंकर दुबे,अवनीश तिवारी, राजेश मिश्रा,रवि चौबे, श्रीकांत दुबे, डी के चतुर्वेदी,अजय चौबे, योगेश पटेल,मोहित पटेल, मनोज पाठक,दिलीप पाठक, संजय सिंह,अक्षय श्रीवास्तव, बी एम तिवारी, एस के यादव, आर के वर्मा, ए के दुबे, एस के शर्मा, ए के पांडे सहित बड़ी संख्या में फेडरेशन के साथियों, कर्मचारी गणों ने इस काले कानून का विरोध किया। सुनील साहू / मोनिका / 01 अप्रैल 2026/ 5.44