अंतर्राष्ट्रीय
01-Apr-2026


ढाका (ईएमएस)। बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। बीते 24 घंटों में चार बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद इस साल मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 44 पहुंच गई है। यह स्थिति खासतौर पर बच्चों और शिशुओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। राजशाही मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अनुसार, पिछले एक दिन में दो बच्चों की मौत संदिग्ध खसरे के कारण हुई, जिससे वहां मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। अस्पताल में खसरे के लक्षण वाले 98 मरीज भर्ती हैं, जो संक्रमण की गंभीरता को दर्शाता है। वहीं, इंफेक्शियस डिजिज हॉस्पिटल (आईडीएच) में भी एक बच्चे की मौत दर्ज की गई, जिससे वहां कुल मौतों की संख्या 25 हो गई है। जनवरी से अब तक इस अस्पताल में 617 संदिग्ध मरीजों का इलाज किया जा चुका है। चटोग्राम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में साढ़े पांच महीने के एक शिशु की मौत ने इस बात को और स्पष्ट कर दिया है कि यह बीमारी छोटे बच्चों के लिए अत्यंत घातक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकोप का मुख्य कारण टीकाकरण में कमी है। कई बच्चे ‘एक्सपेंडेड प्रोग्राम ऑन इम्युनाइजेशन’ (ईपीआई) के तहत पूरी तरह टीकाकरण नहीं करा पाए, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रह गई। खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जिसमें एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है। वैक्सीन की आपूर्ति में देरी और सिरिंज की कमी के कारण राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान भी 1.5 से 2 महीने तक टल गया है। विशेषज्ञों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है, ताकि इस फैलते संक्रमण पर जल्द काबू पाया जा सके और बच्चों की जान बचाई जा सके। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026