व्यापार
01-Apr-2026


वाशिंगटन,(ईएमएस)। ओरेकल कॉर्पोरेशन ने फिर बड़े स्तर पर छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे भारत सहित कई देशों के कर्मचारियों पर असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कदम कंपनी के कंप्यूटिंग और क्लाउड बिजनेस से जुड़े विभिन्न विभागों में उठाया गया है। हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक रूप से संख्या की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अनुमान है कि 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों को सुबह 5 से 6 बजे के बीच ईमेल के जरिए नौकरी खत्म होने की सूचना दी गई। इस अचानक फैसले ने कर्मचारियों को पूरी तरह चौंका दिया। कुछ कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने अनुभव साझा कर कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना, मीटिंग या चर्चा के उन्हें निकाल दिया गया। कई मामलों में कर्मचारियों का सिस्टम एक्सेस भी ईमेल के तुरंत बाद बंद कर दिया गया, जिससे वे तुरंत काम से अलग हो गए। छंटनी का असर भारत, अमेरिका और मैक्सिको जैसे देशों में देखा जा रहा है। खास तौर पर क्लाउड, इंजीनियरिंग और कंप्यूटिंग डिवीजन के कर्मचारियों को निशाना बनाया गया है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी बताया कि लंबे समय तक कंपनी में काम करने के बावजूद उन्हें कोई अवसर या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी की रणनीतिक बदलाव का हिस्सा हो सकता है। ओरेकल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके चलते पारंपरिक भूमिकाओं में कटौती की जा रही है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। कुल मिलाकर, यह छंटनी न केवल कर्मचारियों के लिए झटका है, बल्कि टेक इंडस्ट्री में तेजी से बदलते ट्रेंड्स और प्राथमिकताओं को भी दर्शाती है। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026