मेक्सिको (ईएमएस)। एक बार फिर अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर खतरनाक परजीवी न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म की वापसी को लेकर चिंता बढ गई है। मेक्सिको के तमाउलिपास और नुएवो लियोन राज्यों में इसके मामले सामने आए हैं, जिससे अमेरिका में अलर्ट बढ़ गया है। यह मक्खी मेक्सिको के रास्ते उत्तर की ओर बढ़ते हुए अब टेक्सास के करीब पहुंच चुकी है। यह परजीवी न केवल पशुओं बल्कि इंसानों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। स्क्रूवर्म का जीवनचक्र बेहद खौफनाक है। यह मक्खी गर्म खून वाले जीवों के खुले घावों या शरीर के छिद्रों में अंडे देती है। एक मादा मक्खी एक बार में 200 से 300 अंडे दे सकती है। इन अंडों से निकलने वाले लार्वा जीवित मांस को खाने लगते हैं, जिससे ‘मयाइसिस’ नामक गंभीर संक्रमण होता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। 1935 में टेक्सास में आए प्रकोप के दौरान लाखों पशु और कई इंसान इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस परजीवी को नियंत्रित करने के लिए वर्षों से स्टेराइल इंसेक्ट टेक्निक का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस तकनीक में प्रयोगशालाओं में बड़ी संख्या में नर मक्खियों को तैयार कर उन्हें रेडिएशन से बांझ बनाया जाता है और फिर खुले वातावरण में छोड़ा जाता है। इससे मादा मक्खियों का प्रजनन रुक जाता है और धीरे-धीरे उनकी आबादी कम हो जाती है। इसी तरीके से 20वीं सदी में इस मक्खी को अमेरिका और मध्य अमेरिका से लगभग खत्म कर दिया गया था। हालांकि अब यह प्रणाली कमजोर पड़ती दिख रही है। पनामा के डारियन गैप क्षेत्र में बनाई गई सुरक्षा व्यवस्था के ढीला पड़ने से यह मक्खी फिर सक्रिय हो गई है। इसके अलावा निगरानी में कमी और बजट कटौती ने भी हालात बिगाड़े हैं। फुड एंड एग्रीकल्चर आर्गनाइजेशन को फंडिंग कम होने के कारण निगरानी घटानी पड़ी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया। एक अन्य बड़ी चुनौती विशेषज्ञों की कमी है। अनुभवी वेटरनरी एंटोमोलॉजिस्ट के रिटायर होने से फील्ड स्तर पर नियंत्रण कमजोर पड़ा है। उनके साथ वर्षों का अनुभव भी चला गया, जिसकी भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है। सुदामा/ईएमएस 02 अप्रैल 2026