02-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। जब आप आराम से बस में बैठे होते हैं और अचानक ड्राइवर ब्रेक लगाता है, तो आपका शरीर आगे की ओर झुक जाता है। यह अनुभव लगभग हर किसी ने किया है। इसके पीछे का कारण भौतिक विज्ञान का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जिसे जड़त्व कहा जाता है। इस सिद्धांत को सबसे पहले महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन ने अपने गति के नियमों में समझाया था। न्यूटन का पहला नियम, जिसे जड़त्व का नियम भी कहा जाता है, जो यह बताता है कि कोई भी वस्तु अपनी वर्तमान अवस्था में बनी रहना चाहती है। यानी यदि कोई वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर ही रहना चाहेगी और यदि वह गति में है तो वह उसी गति में आगे बढ़ती रहना चाहेगी, जब तक उस पर कोई बाहरी बल न लगाया जाए। बस के उदाहरण से इसे आसानी से समझा जा सकता है। जब बस चल रही होती है, तब उसमें बैठे यात्रियों का शरीर भी उसी गति में होता है। जैसे ही ब्रेक लगाया जाता है, बस तो तुरंत रुक जाती है, लेकिन शरीर का ऊपरी हिस्सा अपनी पुरानी गति को बनाए रखने की कोशिश करता है। यही कारण है कि व्यक्ति आगे की ओर झुक जाता है और झटके का अनुभव करता है। इसी तरह जब बस अचानक चलती है, तो शरीर का निचला हिस्सा आगे बढ़ता है, जबकि ऊपरी हिस्सा कुछ पल के लिए स्थिर रहना चाहता है, जिससे व्यक्ति पीछे की ओर झुक जाता है। जड़त्व केवल बस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास हर जगह दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर, जब कंबल को झाड़ा जाता है तो धूल के कण अलग हो जाते हैं, क्योंकि वे अपनी स्थिर अवस्था में बने रहना चाहते हैं। इसी तरह पेड़ की टहनी हिलाने पर फल नीचे गिर जाते हैं और कैरम बोर्ड पर स्ट्राइकर मारने से केवल एक गोटी ही आगे बढ़ती है, बाकी अपनी जगह पर रहती हैं। घर पर भी इसका एक सरल प्रयोग किया जा सकता है। यदि एक ग्लास के ऊपर ताश का पत्ता रखकर उस पर सिक्का रखा जाए और पत्ते को तेजी से झटका दिया जाए, तो पत्ता हट जाता है लेकिन सिक्का सीधे ग्लास में गिर जाता है। यह भी जड़त्व का ही उदाहरण है, जहां सिक्का अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश करता है। वजन और जड़त्व के बीच भी गहरा संबंध होता है। जिस वस्तु का द्रव्यमान अधिक होता है, उसका जड़त्व भी उतना ही अधिक होता है। सुदामा/ईएमएस 02 अप्रैल 2026