02-Apr-2026
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-अमेरिका में उठे विरोध के सुर, 75फीसदी ने ट्रंप के कामकाज को नकारा वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो हमेशा अपनी जीत और लोकप्रियता के दावों के लिए जाने जाते हैं, इस वक्त अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। ईरान के साथ छिड़ी जंग ने न केवल दुनिया का चैन छीना है, बल्कि ट्रंप के ‘मैजिक’ को भी खत्म कर दिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक जिन लोगों ने ट्रंप को वोट दिया था, अब वह पछता रहे हैं। ट्रंप की नेट अप्रूवल रेटिंग गिरकर माइनस-17 पर पहुंच गई है। ये गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने अमेरिका के इतिहास में पिछले सभी राष्ट्रपतियों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक विश्लेषण ने अमेरिकी राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप की लोकप्रियता का ग्राफ अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक ट्रंप की रेटिंग इस वक्त जिमी कार्टर, रोनाल्ड रीगन और यहां तक कि जो बाइडन से भी नीचे चली गई है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत सकारात्मक रेटिंग के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे ईरान के साथ युद्ध लंबा होता गया, जनता का भरोसा टूटता चला गया। 26 मार्च को आए आंकड़ों ने चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पिछले साल मार्च में जहां 92फीसदी रिपब्लिकन ट्रंप के साथ थे, अब वह घटकर 84फीसदी रह गए हैं यानी उनके अपने घर में ही विरोध के सुर उठने लगे हैं। करीब 75फीसदी निर्दलीय वोटरों ने ट्रंप के कामकाज को नकार दिया है, जो किसी भी चुनाव को जीतने के लिए सबसे अहम होते हैं। सर्वे के मुताबिक केवल 29फीसदी लोग ही ईरान पर किए गए हमलों और ट्रंप की रणनीति का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 63फीसदी लोग इसे गलत मान रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में ट्रंप की रेटिंग 44फीसदी थी, जो अब गिरकर महज 33फीसदी रह गई है। जनता को अब लगने लगा है कि यह युद्ध अमेरिका के लिए महंगा साबित हो रहा है। ट्रंप की पूरी ताकत उनका ‘मेगा’ बेस है, लेकिन एमहर्स्ट पोल के मुताबिक अब केवल 33फीसदी लोग ही खुद को इस आंदोलन से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। युद्ध की वजह से बढ़ती तेल की कीमतें और अमेरिकी सैनिकों की मिडिल ईस्ट में भारी तैनाती ने आम अमेरिकी नागरिक के मन में डर पैदा कर दिया है। सिराज/ईएमएस 02 अप्रैल 2026