02-Apr-2026
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जकार्ता(ईएमएस)। इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुक्का सागर में गुरुवार को 7.6 तीव्रता के एक बेहद शक्तिशाली भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण न केवल कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, बल्कि समुद्र में सुनामी की लहरें भी पैदा हो गई हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अब तक मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है। भूकंप का केंद्र फिलीपींस के तट से लगभग 580 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित था, जिसके झटके मलेशिया और ताइवान तक महसूस किए गए। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि भूकंप के बाद तटीय क्षेत्रों में पांच अलग-अलग स्थानों पर सुनामी की लहरें देखी गईं, जिनमें सबसे ऊंची लहर उत्तरी सुलावेसी में 0.75 मीटर दर्ज की गई। मुख्य झटके के बाद 11 आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए, जिनमें सबसे तेज झटका 5.5 तीव्रता का था। अधिकारियों ने शुरुआत में लहरों के 3 मीटर तक ऊंचे उठने की आशंका जताई थी, जिसके कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। मानाडो इलाके में एक खेल प्राधिकरण की इमारत का हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झटके इतने तेज थे कि अलमारियों में रखा सामान गिर गया और कई क्षेत्रों की बिजली कट गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस भूकंप का असर देखा गया। अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने शुरुआत में इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के लिए खतरनाक सुनामी का अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। जापान, ताइवान और पापुआ न्यू गिनी के तटों पर भी मामूली लहरें उठने का अंदेशा जताया गया है। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी फिलहाल घरों और चर्चों को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित होने के कारण दुनिया का सबसे अधिक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र है, जहाँ टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने से अक्सर ऐसे विनाशकारी झटके और सुनामी की स्थिति पैदा होती रहती है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/02अप्रैल2026