02-Apr-2026
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- 150 बोतल कोडिन सीरप के साथ पकड़ाएं आरोपियों को 10-10 साल की सजा, 1-1 लाख जुर्माना इन्दौर (ईएमएस) विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) मनीष कुमार लोवंशी की कोर्ट ने प्रतिबंधित नशीले पदार्थ के साथ पकड़ाएं दो आरोपियों वसीम अब्बासी और समद खान को प्रकरण सुनवाई उपरांत दोषी करार देते 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाते 1-1 लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। इन दोनों आरोपियों को पुलिस ने 150 बोतल कोडिन सीरप बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला लसूडिया थाना क्षेत्र का था। अपर लोक अभियोजक श्याम दांगी के अनुसार प्रकरण सुनवाई दौरान दो गवाहों के पक्ष द्रोही होने के बाद कोर्ट ने दोषियों को पुलिस जवानों की गवाही के आधार पर ही सजा सुनाई जबकि इसका आरोपी पक्ष की ओर से विरोध भी किया गया जिसे कोर्ट ने उच्चतम न्यायालय के संदर्भ में नकार दिया। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि लसूडिया थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एमआर-11 पर देवास की ओर से दो संदिग्ध व्यक्ति मादक पदार्थ के रूप में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ लेकर आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपित वसीम पिता एहसान अब्बासी और समद पिता मेहमूद खान दोनों निवासी जूना रिसाला को रोककर जांच कर तलाशी ली तो वसीम के बेग से कोडिन फास्फेट की 100 एमएल की 90 तो समद के बेग में 60 बोतलें मिली थीं। घटना 21 जुलाई 2022 की है पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सुनवाई दौरान दो स्वतंत्र गवाहों ने आरोपियों पहचानने से इनकार कर दिया था। वहीं प्रकरण में पुलिस अधिकारी और जवानों की गवाही भी कोर्ट में हुई जिस पर आपत्ति ली जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि पुलिस जवानों की गवाही हो सकती क्योंकि वे पुलिस में कार्यरत हैं। जैसे दूसरे लोगों को लेकर अवधारणा है कि वे ईमानदारी से काम करते हैं, वैसे ही पुलिस के लिए भी यह अवधारणा लागू होती है। इसी आधार पर कोर्ट ने पुलिस जवानों की गवाही मान्य की और आरोपियों को दोषी करार देते दंडित किया। आनंद पुरोहित/ 02 अप्रैल 2026