क्षेत्रीय
02-Apr-2026
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- 6 घंटे तक डटे रहे एनएसयूआई कार्यकर्ता, अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग बिलासपुर (ईएमएस)। शहर के मंगला स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी एवं महर्षि शिक्षा संस्थान में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी का घेराव कर दोपहर 3 बजे से रात 8.30 बजे तक करीब 6 घंटे धरना-प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में नियमों के विरुद्ध संचालन, डीएलएड पाठ्यक्रम में अनियमितता, एक ही भवन और भूमि पर दो संस्थानों का संचालन, आदेशों की अवहेलना और प्रशासन को भ्रामक जानकारी देने जैसे गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि संस्थान के खिलाफ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम 2005 की धारा 41(1) के तहत कार्रवाई की अनुशंसा हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति बंद है, डीएलएड पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप पर रोक लगी हुई है और यूजीसी द्वारा संस्थान को डिफॉल्टर घोषित किया जा चुका है, फिर भी प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि एनएसयूआई द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, उच्च शिक्षा आयुक्त और एससीईआरटी सहित कई संस्थाओं में लगातार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया। इस दौरान रंजीत सिंह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता परिसर में डटे रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया। देर शाम पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने हृस्ढ्ढ का ज्ञापन और दस्तावेज स्वीकार किए तथा लिखित आश्वासन दिया कि मांगी गई जानकारी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन के आश्वासन पर हृस्ढ्ढ ने रात 8.30 बजे अपना धरना समाप्त किया। धरना-प्रदर्शन में लोकेश नायक, विक्की यादव, प्रियांशु डहरिया, सुमित शुक्ला, शिवांश पाठक, प्रवीण साहू सहित बड़ी संख्या में हृस्ढ्ढ पदाधिकारी और छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे। मनोज राज 04 अप्रैल 2026