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02-Apr-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया संकट के कारण बुधवार को भारतीय घरेलू एयरलाइनों के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में 8.5 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पिछले महीने की तुलना में कम वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2025 तक भारतीय विमानन उद्योग ने 70,515 हजार टन एटीएफ का उपभोग किया है। यह प्रति विमान औसतन 11 हजार टन है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2016 से 2025 के दौरान प्रति विमान एटीएफ की खपत में कमी आई है, जो विमानन क्षेत्र में धीरे-धीरे दक्षता सुधार को दर्शा रही है। भारत के विमानन उद्योग की लागत संरचना में विमान ईंधन और तेल का हिस्सा वित्त वर्ष 2016 में 30 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 39 फीसदी हो गया। भारत की प्रमुख एयरलाइन कंपनियां परिचालन की कुल लागत का कम से कम एक-तिहाई पैसा ईंधन पर खर्च कर रही हैं। ईंधन मार्केटिंग कंपनियों ने बुधवार को एटीएफ की कीमतों में वृद्धि कर दी। तेल कीमतों में पिछले साल मार्च के बाद यह सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई। सिराज/ईएमएस 02अप्रैल26