वाशिंगटन (ईएमएस)। टेस्ला ने अपने फ्लैगशिप मॉडल्स एस और मॉडल एक्स का प्रोडक्शन आधिकारिक तौर पर बंद किया है। कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने पुष्टि की कि अब इन दोनों मॉडल्स के लिए कोई कस्टम ऑर्डर नहीं लिया जाएगा। वर्तमान में ग्लोबल इन्वेंट्री में केवल 600 से भी कम यूनिट्स उपलब्ध हैं, और ग्राहक केवल पहले से कॉन्फ़िगर किए गए व्हीकल ही खरीद सकते हैं, जिसमें ज्यादातर यूनिट्स अमेरिका में हैं। मॉडल एस 2012 में लॉन्च हुई थी और यह टेस्ला की पहली मास-मार्केट कार थी। 2015 और 2016 में यह दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली प्लग-इन ईवी बन गई थी। इसके बाद मॉडल एक्स 2015 में लॉन्च हुई, जिसमें फैल्कन-विंग दरवाजों जैसी खास और अनोखी खूबियां थीं। दोनों मॉडल्स की कुल मिलाकर 610,000 से ज्यादा यूनिट्स दुनियाभर में बिकीं। हालांकि, पिछले कुछ सालों में इन दोनों मॉडल्स की बिक्री में लगातार गिरावट देखने को मिली। भारतीय बाजार में टेस्ला इन मॉडल्स को उपलब्ध नहीं कराती, लेकिन ग्लोबल मार्केट में भी यह ट्रेंड देखा गया। 2023 में कंपनी ने इनके अलग-अलग बिक्री आंकड़े जारी करना बंद कर दिए और इन्हें अन्य मॉडल्स की कैटेगरी में शामिल कर दिया। 2025 के मध्य में दोनों मॉडल्स में कुछ छोटे-मोटे डिजाइन बदलाव किए गए थे और कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी भी हुई थी। हालांकि, नए लग्जरी ईवी के बढ़ते कॉम्पिटिशन के चलते इन बदलावों से डिमांड को दोबारा बढ़ाने में खास असर नहीं पड़ा। अब जबकि बहुत ही लिमिटेड स्टॉक बचे हैं और नए ऑर्डर नहीं लिए जा रहे हैं, उम्मीद है कि बची हुई यूनिट्स भी जल्द बिक जाएंगी। इस फैसले के साथ ही टेस्ला के दो सबसे पॉपुलर मॉडल्स का सफर अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गया है। ये मॉडल्स टेस्ला की शुरुआती सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। अब उनके फैन्स केवल मौजूदा स्टॉक तक ही सीमित रहेंगे, जिससे टेस्ला के इतिहास में एक युग का अंत माना जा सकता है। आशीष दुबे / 02 अप्रैल 2026