व्यापार
04-Apr-2026


नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं तथा उनके एक्टिव इंग्रेडिएंट्स पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इसका भारत पर संभावित असर रहेगा, क्योंकि देश की फार्मा कंपनियों का अमेरिका में बड़ा निर्यात बाजार है। फिलहाल जेनेरिक, बायोसिमिलर और आवश्यक दवाएं टैरिफ से बाहर हैं, जिससे कई कंपनियों की निर्यात गतिविधियां सुरक्षित हैं। हालांकि, पेटेंटेड दवाओं और एपीआई पर बढ़ते टैरिफ से भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और उनका प्रतिस्पर्धात्मक लाभ घट सकता है। टैरिफ से अमेरिका में उत्पादन और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय में इससे भारत में निवेश, उत्पादन और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव पड़ सकता है, जबकि अमेरिकी बाजार में भारतीय फार्मा कंपनियों की हिस्सेदारी सीमित होने की संभावना है। सतीश मोरे/04अप्रेल ---