नई दिल्ली,(ईएमएस)। जंग के असर से राहत के लिए सरकार प्रभावित सेक्टर्स से अगले दो दिनों में बातचीत कर उनकी दिक्कतें जान सकती है। खासकर ऊर्जा के मामले में सरकार बहुत बड़े बदलाव पर विचार कर सकती है ताकि आगे ऐसे किसी हालात में भारत पर कम असर हो। सूत्र के मुताबिक जंग के बीच बनी इंटर मिनिस्ट्री कमेटी प्रभावित सेक्टर्स से बात करेगी। अगर जंग अब रुकती भी है तो सप्लाई चेन जिस तरह से बाधित हुई है, उससे इसका असर देर तक रहने की आशंका बताई जा रही है। सरकार इससे ज्यादा चिंतित है। पीएमओ ने कहा है कि इस मौके का इस्तेमाल भविष्य के लिए बेहतर रास्ता तलाशने में हो। सरकार ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून तक पूरी कस्टम ड्यूटी छूट देने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सरकार के मुताबिक इस छूट का फायदा उन कई सेक्टर्स को मिलने की उम्मीद है जो पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर निर्भर हैं, जैसे प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल, केमिकल, ऑटो कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स। सरकार का कहना है कि इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। इस सूची में शामिल प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों में एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मेथनॉल (मेथाइल अल्कोहल), आइसोप्रोपिल अल्कोहल, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (एमईजी) और फिनोल आदि शामिल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा था कि देश पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुए किसी भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तैयार है। केरल के तिरुवनंतपुरम में एक सैनिक सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले देश के टैंकरों की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान की ओर से कोई दुस्साहस किया गया, तो भारत की प्रतिक्रिया अभूतपूर्व और निर्णायक होगी। सिराज/ईएमएस 03अप्रैल26 ---------------------------------