लुधियाना,(ईएमएस)। पंजाब के लुधियाना में कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की हत्या के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस हत्याकांड की बर्बरता को उजागर किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह महज एक हमला नहीं बल्कि पूरी साजिश के साथ अंजाम दी गई कोल्ड ब्लडेड किलिंग थी। घटना के सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी विजय कुमार उर्फ अजय वारदात से ठीक एक घंटे पहले शाम 5:47 बजे गांव की गलियों में कंधे पर कुल्हाड़ी लटकाए बेखौफ घूमता नजर आ रहा है। नशे में धुत आरोपी के चेहरे पर कानून का कोई डर नहीं दिख रहा था। ठीक 6:45 बजे उसने इस कुल्हाड़ी से परमिंदर तिवारी के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी जान ले ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्यों के अनुसार, तिवारी के सिर पर एक के बाद एक छह जानलेवा वार किए गए थे। हमला इतना घातक था कि उनकी खोपड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उन्हें संभलने या मदद के लिए पुकारने तक का मौका नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अजय और उसका साथी लक्की मोटरसाइकिल से फरार होकर बिहार के पटना में जा छिपे थे। लुधियाना पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को पटना से हिरासत में ले लिया है। हालांकि गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए तस्वीरें परिजनों को भेज दी गई हैं। पुलिस इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर जांच केंद्रित कर रही है। पहला पहलू पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर चल रहा पुराना विवाद है। दूसरा, सुपारी किलिंग का संदेह है क्योंकि हत्या के तत्काल बाद मृतक के बेटे को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया था, जिसे परिवार एक पेशेवर साजिश मान रहा है। तीसरा पहलू राजनीतिक रंजिश से जुड़ा है, क्योंकि तिवारी गांव की राजनीति में अत्यधिक सक्रिय थे और सरपंच चुनाव के बाद से ही उनके विरोधियों के साथ तनाव बना हुआ था। इस घटना के बाद पिछले तीन-चार दिनों से लुधियाना में भारी तनाव व्याप्त था। कांग्रेस नेताओं और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्का जाम किया और पुलिस को कड़ा अल्टीमेटम दिया था। आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना के बाद ही परिवार ने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी है। इस मामले ने एक बार फिर अपराधी मानसिकता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/03अप्रैल2026