- जंगलराज से सुशासन तक,बिहार की आर्थिक उड़ान पटना, (ईएमएस)। बिहार में कर संग्रह में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाणिज्य कर विभाग ने रिकॉर्ड 43,324 करोड़ रुपये का संग्रह किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है। राज्य जीएसटी संग्रह में 9.20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई है, जबकि कुल नकद संग्रह में 10.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो राष्ट्रीय औसत 6.40 प्रतिशत से कहीं अधिक है। ये आंकड़े बिहार की आर्थिक प्रगति और बेहतर प्रशासनिक सुधारों का प्रमाण हैं। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार के कुशल नेतृत्व और केंद्र की मोदी सरकार के सहयोग से बिहार का कर संग्रह निरंतर बढ़ रहा है। नीरज कुमार ने जोर देकर कहा, “जंगलराज के अंधकारमय दौर में बिहार की अर्थव्यवस्था लुटेरी और भ्रष्टाचार की शिकार थी। लालू-राबड़ी शासन में कर संग्रह नाममात्र का था, उद्योग बंद पड़े थे, निवेशक भाग रहे थे और अपराधी राज कर रहे थे। आज एनडीए सरकार के सुशासन में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।” नीरज कुमार ने आंकड़ों के साथ तुलना प्रस्तुत की। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य जीएसटी संग्रह अनुमानित 32,801 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष से 11.67 प्रतिशत अधिक है। समग्र आंतरिक संसाधनों से लगभग 56,000 करोड़ रुपये का संग्रह लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। खनन विभाग ने भी 3,592 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व जमा किया। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल सुधारों ने कर अनुपालन बढ़ाया है तथा अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। नीरज कुमार ने आगे कहा, “जंगलराज में बिहार की जीडीपी वृद्धि दर निचले स्तर पर थी और प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से बहुत पीछे थी। आज बिहार तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल हो रहा है। सड़कें, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में हुए अभूतपूर्व विकास ने निवेश का माहौल बनाया है, जिससे कर आधार विस्तारित हुआ है।” भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जंगलराज की वापसी की कोशिशें बिहार की प्रगति को रोक नहीं सकतीं। एनडीए सरकार का फोकस विकास, रोजगार और सुशासन पर है। बढ़ता कर संग्रह विकास योजनाओं को और मजबूती देगा, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। नीरज कुमार ने अंत में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का यह सफर जारी रहेगा। कर संग्रह में यह वृद्धि केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सुशासन की जीत है।” संतोष झा-०३ अप्रैल/२०२६/ईएमएस