- फर्जी मैरिज ब्यूरो पर पुलिस का बड़ा प्रहार बिलासपुर (ईएमएस)। शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित नेटवर्क का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहे इस गिरोह द्वारा लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर लाखों रुपये ठगे जा रहे थे। फर्जी बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और कॉल सेंटर के माध्यम से संचालित इस रैकेट पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है। मामले का खुलासा म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान हुआ। जांच में सामने आया कि सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्र में कॉल सेंटर के रूप में फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित किए जा रहे थे। ये गिरोह अविवाहित और निराश लोगों को शादी का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठता था। जांच की शुरुआत भारतीय स्टेट बैंक के एक संदिग्ध खाते से हुई, जो सरकंडा निवासी महिला के नाम पर था, लेकिन उसका संचालन उसकी बेटी तरुणा उर्फ सोनू खरे कर रही थी। इसी खाते में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि बिहार के पटना निवासी एक व्यक्ति से विवाह योग्य वधु दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपए ठगे गए, लेकिन बाद में उसे कोई सेवा नहीं दी गई। छापे में खुला पूरा खेल पुलिस ने देवनंदन नगर, सरकंडा स्थित विवाह गाइड नामक मैट्रिमोनियल ऑफिस पर छापा मारा, जहां संचालक महारथी साहू, सहयोगी फुलेश्वर श्रीवास, मैनेजर तरुणा खरे और संचालिका नीरा बाथम मौजूद मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बेरोजगार युवतियों को नौकरी का झांसा देकर उन्हें फर्जी दुल्हन बनाकर ग्राहकों से फोन पर बात कराई जाती थी, जिससे उन्हें भावनात्मक रूप से जोडकऱ ठगी की जाती थी। ये सामान बरामद कार्रवाई के दौरान 10 से अधिक कंप्यूटर, ७0 से ज्यादा मोबाइल फोन और २० हजार रुपये से अधिक नकद बरामद किए गए। साथ ही, कई फर्जी बैंक खातों के माध्यम से लाखों रुपए के लेनदेन का भी खुलासा हुआ है। ये आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में महारथी साहू, फुलेश्वर श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनू खरे और नीरा बाथम को हिरासत में लिया है। इनके खिलाफ थाना सरकंडा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित होने की आशंका है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। मनोज राज 03 अप्रैल 2026