लेख
03-Apr-2026
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ईरान ने यूएई में स्थापित अमेजॉन का सर्विस डाटा सेंटर चेतावनी देने के दूसरे दिन ही उड़ा दिया। ईरान ने यह हमला ड्रोन से किया था, जो बिल्कुल सटीक था। इसमें कंपनी को काफी नुकसान हुआ। सरवर नष्ट हो जाने के कारण कंपनी की सारी सेवाएं प्रभावित हो गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में घोषणा कर चुके हैं कि वह युद्ध को खत्म करने जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही जिस तरह से ईरान के ऊपर हमले हो रहे हैं उसको लेकर ईरान ने काफी आक्रामक रुख अपनाया हुआ है। जहां-जहां पर अमेरिकी सेवाएं संचालित हो रही हैं वहां-वहां पर ईरान ड्रोन से हमले कर रहा है। ईरान की इस कार्यवाही से सारी दुनिया के देश हैरान हैं। ईरान का शाहिद नामक ड्रोन इस समय चर्चाओं में है। इस ड्रोन को लेकर सारी दुनिया के देशों में जिज्ञासा बनी हुई है। इसने वेब सेंटर में घुसकर जिस तरह से सटीक निशाने पर हमला किया वह आश्चर्यजनक था। ईरान अब खुलकर चेतावनी देकर जिस तरह से हमले कर रहा है उसके सामने अमेरिका और इजरायल का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। सारी दुनिया के देशों में तेल संकट के साथ-साथ अब खाद्य संकट की भी चर्चा हो रही है। करीब 96 देश अभी तेल संकट से जूझ रहे हैं। जो खबरें आ रही हैं उसमें 125 से अधिक देशों में हार्मोज से जहाजों की आवाजाही में रुकावट से जो संकट पैदा हुआ है उससे अब तेल के साथ-साथ खाद्य संकट भी देखने को मिल रहा है। रही सही कसर जिस तरह से ईरान अमेरिकी कंपनियों पर हमला कर रहा है उससे खाड़ी देशों के साथ-साथ अन्य देशों को भी उसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिस तरह के समाचार आ रहे हैं उसमें 100 से अधिक देश अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण बुरी तरह से परेशान हैं। अमेरिका और इजरायल ने अपनी सभी शक्तियों का प्रदर्शन करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। बी-2 बंबर से सेकड़ों स्थानों पर हमला करके ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया। अब ईरान खुलकर इसका बदला ले रहा है। ईरान के ड्रोन और मिसाइल जिस तरह से सटीक निशाना लगाकर खाडी के देशों में अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ अब उनके महत्वपूर्ण कारोबार को नष्ट कर रहे हैं इसके कारण सारी दुनिया के देशों में एक नई दहशत फैल गई है। ईरान ने जिस तरह से अमेरिका के संचार माध्यमों को नष्ट किया है तथा जिस तरह से ईरान हमले करके तकनीकी आधार पर अमेरिका और इजरायल को धता बता रहा है उससे सारी दुनिया के देश हैरान हैं। ईरान की तकनीकी जिस तरह से इजरायल और अमेरिका का मुकाबला करते हुए जो ईरानी नवीन प्रयोग हो रहे हैं उससे सबसे ज्यादा परेशानी टेक कंपनियों को हो रही है। उनके सुरक्षित कंप्यूटर नेटवर्क को हैक करते हुए ईरान द्वारा हमले किए जा रहे हैं, जिसके कारण ईरान का दबदबा बढ़ता चला जा रहा है जिस तरह से ईरान ने अब सरवर और इंटरनेट के जरिए सेवाओं पर निशाना साधना शुरू कर दिया है उसके कारण सभी देशों की परेशानी बढ़ती चली जा रही है। वर्तमान में बैंकिंग एवं अन्य सेवाएं इंटरनेट से जुड़ी हुई हैं। एक बहुत बड़ा डाटा सर्वर से जुड़ा हुआ है। यदि उसमें कोई खराबी आती है तो करोड़ों लोगों पर इसका प्रभाव पड़ता है। ईरान ने पिछले एक माह में जिस तरह से इस युद्ध को लड़ा है उसने सारी दुनिया के देश हैरानी में हैं। ईरान के सस्ते ड्रोन और मिसाइलें अत्याधुनिक संचार माध्यमों से लैस स्थलों को जिस तरह से वह अपने निशाने पर लेकर नुकसान पहुंचा रहे हैं उसने पूरी दुनिया के युद्ध समीकरण को बदल दिया है। तकनीकी क्षेत्र में इजराइल और अमेरिका को चुनौती, ईरान द्वारा दी जा रही है। इसकी कल्पना भी इस युद्ध के पहले किसी देश ने नहीं की थी। पिछले एक माह में ईरान ने जिस तरह से वैश्विक राजनीति और सोच को परिवर्तित किया है उसके बाद ऐसा लगता है सारी दुनिया में अब नए समीकरण बनना शुरू हो गए हैं। इसमें अमेरिका अलग-अलग पड़ता चला जा रहा है। हार्मोज को खुलवाने के लिए भारत, फ्रांस, ब्रिटेन इत्यादि लगभग 45 देश जिस तरह से ईरान के साथ बात कर रहे हैं उससे एक बात स्पष्ट है भविष्य में अमेरिका का जो एकाधिकार था वह अब नहीं रहेगा। अमेरिका और इजरायल में जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहु के खिलाफ जनता सड़कों पर आ रही है, यूरोप और नाटो देश जिस तरह से अमेरिका से दूरियां बना रहे हैं, ईरान के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में अभी तक अमेरिका का जो वर्चस्व सारी दुनिया में था, वह वर्चस्व अब समाप्त होते हुए दिख रहा है। ईरान भी एक प्रमुख राष्ट्र के रूप में अपनी जगह बनाता हुआ नजर आ रहा है। ईएमएस / 03 अप्रैल 26