अंतर्राष्ट्रीय
03-Apr-2026


काठमांडू,(ईएमएस)। माऊंट एवररेस्ट पर चढ़ाई से जुड़ा चौंकाने वाला इंश्योरेंस घोटाला सामने आया है, जिसमें शेरपाओं सहित कई संगठनों पर पर्वतारोहियों को जानबूझकर बीमार करने का आरोप लगा है। इस कथित स्कैम की कुल राशि लगभग 20 मिलियन डॉलर के करीब है। रिपोर्ट के अनुसार एक जांच में खुलासा हुआ कि नेपाल पुलिस ने मामले में 32 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में ट्रेकिंग एजेंसियों के मालिक, हेलिकॉप्टर कंपनियों के संचालक और अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इन सभी पर संगठित अपराध और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ शेरपा, जो ट्रेकिंग एजेंसियों के साथ काम करते थे, वे पर्वतारोहियों के खाने में चुपके से बेकिंग सोडा मिलते थे। अधिक मात्रा में बेकिंग सोडा लेने से पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। ये लक्षण ऊंचाई पर होने वाली बीमारी जैसे ही लगते थे, जिससे किसी को शक नहीं होता था। जब पर्वतारोही बीमार पड़ जाते थे, तब उन्हें तुरंत हेलिकॉप्टर से नीचे लाने का दबाव बनाया जाता था। पहाड़ों पर हेलिकॉप्टर रेस्क्यू बेहद महंगा होता है, और यही स्कैम का मुख्य हिस्सा था। इसके बाद हेलिकॉप्टर कंपनियां और अस्पताल मिलकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और बिल तैयार करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस कंपनियों से भारी-भरकम क्लेम वसूला जाता था। बाद में इस रकम को सभी संबंधित पक्ष आपस में बांट लेते थे। यह मामला तब उजागर हुआ जब जनवरी में तीन रेस्क्यू कंपनियों के छह अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि एक कंपनी ने 1,248 रेस्क्यू का दावा किया, जिसमें से 171 पूरी तरह फर्जी थे। इस कंपनी ने अकेले ही करीब 10 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की। अन्य कंपनियों ने भी लाखों डॉलर के फर्जी क्लेम किए। इस घोटाले के कारण नेपाल के पर्यटन उद्योग की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। कई अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस कंपनियों ने नेपाल में यात्रियों का बीमा करना बंद कर दिया है। पुलिस का कहना है कि सख्त कार्रवाई के बिना इसतरह घोटालों पर रोक लगाना मुश्किल होगा। आशीष दुबे / 03 अप्रैल 2026